
देवास:- मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ नगर में मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। दरअसल सोनकच्छ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक अज्ञात शव को कचरा फेंकने वाली ट्रॉली में डालकर अंत्येष्टि के लिए ले जाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति के शव को अमानवीय तरीके से कचरा वाहन में फेककर ले जाते हुए कर्मचारियों की तसवीरें सामने आई हैं।
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इस मामले में अब जमकर राजनीति भी हो रही हैं । क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले में ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि विधायक निधि से 85 लाख रु देने के बाद भी सरकार सोनकच्छ में मरीजो के लिए दवाई , आक्सीजन भी उपलब्ध नही करवा पाई और अब शव भी कचरा वाहन से ढोये जा रहे हैं । इसके पहले भी एक कोरोना मरीज के शव को सोनकच्छ नगर परिषद की कचरा उठाने वाली ट्रॉली से ले जाने का मामला सामने आया था , लेकिन उस समय हंगामा होने पर तहसीलदार की गाड़ी से शव को मुक्तिधाम ले जाया गया था।
दरअसल शुक्रवार को सोनकच्छ के समीपस्थ गाँव रोलुपिपलिया में फांसी लगाकर 21 वर्षीय युवक को आत्म हत्या कर ली थी। पीएम के बाद शनिवार को शव को दफनाया जाना था। शव के स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जाने के लिए नगर परिषद की कचरा उठाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉली का उपयोग किया गया। नगर परिषद के कर्मचारियों के पास सुरक्षा किट भी नहीं थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में सभी राजनीतिक दल के नेताओं की भी कमी नहीं है, समाजसेवियों की भी लंबी लिस्ट है, लेकिन कोई भी नगर में एक स्थाई रूप से शव वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं करा सका।
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जंगल में लटका मिला था शव
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि रोलू पिपलिया के जंगल में एक युवक का शव नीम के पेड़ पर लटक रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में पता चला कि युवक छिंदवाड़ा जिले का है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनकच्छ के स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। शव की शिनाख्त हो सके इसलिए इस मामले की सूचना छिंदवाड़ा पुलिस को भी दी गई, लेकिन मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई।
अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं पहुंचा
लंबा इंतजार करने के बाद भी जब शव के अंतिम संस्कार के लिए कोई नही आया तो स्वास्थ्य केंद्र से शव को दफनाने के लिए भेज दिया गया। यहां शव को ले जाने के लिए शव वाहन नहीं था। इस वजह से उसे कचरा ढोने वाली गाड़ी में ले जाया गया। बता दें, सोनकच्छ में समाजसेवियों की अतिरिक्त परिषद द्वारा शव वाहन किराए पर लिया गया है, लेकिन उसका भी इस्तेमाल नहीं किया गया।
तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त
वहीं, सोनकच्छ नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी रवि भट्ट ने कहा, ‘हमने 18 अप्रैल से अब तक 67 शवों का अंतिम संस्कार किया है, किन्तु स्वास्थ्य प्रभारी की गलती से शव को पहुंचाने के लिए कचरा वाहन भेज दिया गया।’ उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद के स्वास्थ्य प्रभारी को निलंबित कर दिया गया और सफाई सुपरवाइजर सहित तीन अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

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