
इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला फिर मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज से आया है। जहां शव वाहन न मिलने से मां के शव को पन्नी में लपेटकर बेटे द्वारा बाइक में घर ले जाया गया। मां के मौत से दुखी बेबस बेटा घंटों तक शव वाहन के लिए सिविल लाइन अस्पताल के सामने रोता गिड़गिड़ाता रहा । फिर भी सिस्टम केवल तमाशबीन बना बैठा रहा। अंत में थक हार कर बेटे ने एक आदमी की मदद से बाइक बुलवाई और पन्नी में शव को लपेटकर रात 10:00 बजे घर की ओर रवाना हुआ। नगर के जिम्मेदारों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सब कुछ देखकर भी संवेदनहीनता दिखाते रहे।
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पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार ये मामला मऊगंज नपं के वार्ड क्रमांक 11 का है। मंगलवार की दोपहर करीब 1 बजे श्यामवती जायसवाल पति स्व. रामहित जायसवाल को जहरीला सर्प ने काट लिया था। ऐसे में परिजन ने श्यामवती को एम्बुलेंस की मदद से आनन फानन में सिविल अस्पताल मऊगंज में दाखिल कराया। जहां श्यामवती की दोपहर करीब 2 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद शाम 6 बजे के लगभग डॉक्टरों ने पीएम कर शव परिजनों को सौंप दिया। फिर बेटा शव वाहन की तलाश में जुट गया। वह शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक वाहन तलाशता रहा। उसने अस्पताल प्रबंधन से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता से भी मांग की, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अंत में एक परिचित की मदद से पन्नी में शव को लपेटकर बाइक में मां का शव लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गए।बेटे उदयभान जायसवाल ने बताया कि सिविल अस्पताल से घर की दूरी 4 किमी दूर है। शव लेकर जब अपने मोहल्ले के पास पहुंचे तो वहां पर मौजूद जान पहचान के लोगों ने बाइक में आने का कारण पूछा। तब बेटे ने बताया कि शव वाहन की कई घंटों तक मांग करने पर भी नहीं मिला। चिकित्सकों ने कहा था कि शव आपको अपने स्तर से ले जाना होगा।
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विन्ध्य क्षेत्र के लिए ऐसी शर्मसार करने वाली घटनाएं अब आम हो चुकी हैं।अभी कुछ दिन पहले ही सिंगरौली में एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहां 25 किलोमीटर शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए खटिया के माध्यम से ले जाया गया था। अभी 2 दिन पहले मऊगंज से एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां एक बेटी का कंटेनमेंट एरिया में छत से गिरने के कारण 9 घंटे तक अस्पताल पहुंचने के लिए परेशान होने के बाद अंत में बच्ची के पिता द्वारा हाथ ठेले में बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचाया गया था।

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