
विंध्य क्षेत्र में बीते सप्ताह ताऊ ते तूफान की तबाही के बाद अब यास तूफान को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। इस बार यास तूफान का असर विंध्य और महाकौशल के करीब 13 जिलों को नुकशान पहुंचा सकता है। ऐसे में खरीदी केंद्रों में उपार्जन कार्य स्थगित करते हुए गोदामों में गेहूं को सुरक्षित रखाने के निर्देश खाद्य और नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने जारी किया है।
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संचालनालय का स्पष्ट आदेश है कि मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। क्योंकि प्रदेश के पश्चिमी, केन्द्रीय पश्चिमी तथा दक्षिणी क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी है। जिस कारण 26 मई की शाम से 29 मई तक आंधी तूफान के साथ बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान किसी भी उपार्जन केन्द्र में 27 और 28 मई को खरीदी नहीं की जाएगी। बल्कि खरीदा गेहूं तत्काल प्रभाव से सुरक्षित जगह रखवाया जाए।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सबसे ज्यादा रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, डिण्डौरी, मण्डला, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के दूसरे जिलों बारिश के संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा इन 13 जिलों को है। इसलिए मौसम विभाग बंगाल की खाड़ी में केन्द्रीत चक्रवाती तूफान यास के संबंध में चेतावनी दी है। इसके कारण प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में विशेषकर रीवा, शहडोल एवं जबलपुर संभाग के जिलों तेज आंधी तूफान के साथ भीषण वर्षा की संभावना जताई जा रही है।

