
बंगाल में ममता बनर्जी को बंपर सीटों से जीत दिलाने के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भले ही आईपैक से सन्यास ले लिया हो, मगर उनके नाम पर अब ठगी का दौर शुरू हो गया है। जी हां, ऐसा ही एक मामला पंजाब में सामने आया है।
पंजाब में अगले साल के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। टिकटों को लेकर जोड़तोड़, पैरवी का खेल शुरू हो गया है। राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में भी खींचतान मची है। कुछ लोग इसी का फायदा उठाने की फिराक में जुट गए हैं। एक गैंग ऐसा भी है, जो चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर बनकर नेताओं को ठगने में लगा है। गैंग के लोग नेताओं को फोन करके प्रशांत किशोर की आवाज और अंदाज में बात करते हैं. फिर मनचाहे सर्वे से लेकर चुनावी टिकट दिलाने तक का वादा करके मोटी रकम मांगते हैं।यहां तक कि इस गैंग ने एक विधायक को भी नहीं बख्शा।
हालांकि, जब नेताओं को अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो रही है, तो इसकी शिकायत उन्होंने पंजाब पुलिस से की। मामला हाईप्रोफाइल था, इसलिए पंजाब पुलिस शिकायत पर तुरंत अलर्ट हो गई। पहले गैंग के दो आरोपी पकड़े और उनसे पूछताछ के बाद मास्टमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी अमृतसर से पकड़े गए। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से किसी बड़े राज का पर्दाफाश भी हो सकता है। ये सभी ठगी के पैसे से जुआ खेलते थे। यही नहीं, इनके खिलाफ धोखाधड़ी और तस्करी के कुछ मामले पहले से भी दर्ज बताए जा रहे हैं।
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बता दें कि प्रशांत किशोर इन दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधाम सलाहकार घद घर कार्यरत हैं। उनके बढ़ते राजनीतिक कद को देखकर कुछ लोगों के दिमाग में खुराफाती आइडिया आया। इन ठगों ने प्रशांत किशोर की नकली आवाज के जरिए कांग्रेस नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठने का प्लान बनाया। ठगी के शिकार लोगों ने पुलिस में इसकी शिकायत की, जिसके बाद मुख्य आरोपी को पंजाब पुलिस ने अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया।
‘कांग्रेस नेताओं से पांच करोड़ की ठगी’
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, मंगलवार, 15 जून को लुधियाना में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि ये लोग कांग्रेस के नेताओं को फोन करके सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की आलोचना करने के लिए कह रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि पिछले महीने प्रशांत किशोर बनकर ठगने वाले एक गैंग का पता चला था। ये गैंग लुधियाना, बठिंडा, जालंधर, अमृतसर और संगरूर के कम से कम 30-40 कांग्रेसी नेताओं के संपर्क में था। पुलिस सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा है कि गिरोह ने कांग्रेसी नेताओं से कम से कम पांच करोड़ रुपये ठगे हैं।
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विधायक को ठगने चले तो पकड़े गए
गैंग के लोगों ने विधायक कुलदीप सिंह वैद को भी ठगने की कोशिश की। उनसे प्रशांत किशोर बनकर संपर्क किया गया। टिकट के लिए उनके पक्ष में सर्वे रिपोर्ट देने की बात कही। बदले में गिफ्ट की मांग की। इस पर विधायक को शक हुआ।उन्होंने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने जाल बिछाया। 11 और 13 मई को जालंधर से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों की पहचान राकेश कुमार भसीन और रजत कुमार राजा के रूप में हुई। मुख्य आरोपी गौरव शर्मा को बाद में गिरफ्तार किया गया। ये सभी अमृतसर के रहने वाले हैं।
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विधायक कुलदीप सिंह वैद का कहना है,
मैं प्रशांत किशोर से पहले मिल चुका था। हाल ही में वह चंडीगढ़ में भी विधायकों से मिले थे। लेकिन वो बहुरूपिया इतना आश्वस्त था कि एक पल के लिए तो मुझे लगा कि प्रशांत किशोर ही लाइन पर हैं। उस बहुरूपिये ने अपना होमवर्क अच्छे से किया था। वो मुझसे ऐसे बात कर रहा था, जैसे उसने वास्तव में मेरे निर्वाचन क्षेत्र का सर्वेक्षण किया हो। मुझे 4-5 दिनों में उसके कई फोन आए।
लेकिन फिर उसने मुझसे 10 लाख रुपये की मांग की। मेरे पक्ष में सर्वे रिपोर्ट जमा करने और मुझे टिकट मिले, ये सुनिश्चित कराने के लिए। इसके बाद मुझे यकीन हो गया कि यह प्रशांत किशोर नहीं हो सकते। मैंने पार्टी में अपने दोस्तों और पुलिस से बात की। मुझे बताया गया कि दमन थिंद बाजवा (2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार) की ओर से भी संगरूर में शिकायत की गई थी। हम पुलिस के साथ जालंधर गए, और गिरोह को गिरफ्तार कर लिया गया।
दमन थिंद बाजवा ने पुलिस को बताया था कि जब धोखेबाज ने उन्हें सात लाख रुपये जमा करने के लिए कहा तो उन्हें भी शक हो गया था। इसी के बाद उन्होंने केस दर्ज कराया।
बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भी मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस पार्टी के लिए प्रशांत किशोर की सेवाएं ली थीं। वहीं इस साल मार्च में मुख्यमंत्री ने उन्हें अपना प्रमुख सलाहकार नियुक्त किया है। हालांकि प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कहा था कि वह चुनाव प्रबंधन से ब्रेक लेना चाहते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत की रणनीति बनाने का भी काम किया था।

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