
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के कलेक्टर द्वारा एक युवक को सरेराह थप्पड़ मारने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शाजापुर में भी ऐसी ही घटना सामने आई है। यहां एडीएम एक दुकानदार को जोरदार थप्पड़ रसीद कर दिया। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कोरोना कर्फ्यू के दौरान एक दुकान खुली मिलने पर वहां के एक लड़के को महिला प्रशासनिक अधिकारी द्वारा थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हो गया है। यह घटना दो दिन पुरानी है, जिसका वीडियो सामने आया है।वीडियो वायरल होते ही मचा हंगामा प्रशासन जांच में जूटा।
खबरें और भी 👉👉 चिरहुला मंदिर का गेट खुलवाने के लिए एएसआई ने पुजारी को धमकाया,पुजारी ने एसपी से की शिकायत, एएसआई निलंबित.
एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों की दादागिरी सामने आई है। कोरोना कर्फ्यू में खोलना एक दुकानदार को महंगा पड़ गया। दरअसल, एडीएम राय दो दिन पहले कोराना कर्फ्यू को लागू करवाने शहर में अपनी टीम के साथ घूम रही थीं. इसी दौरान अपर कलेक्टर महोदया को शहर के किला रोड पर एक जूते की दुकान खुली दिखी। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो दुकानदार ने बचाव के लिए कह दिया कि घर दुकान के अंदर ही है। इसपर टीम ने अंदर जाकर देखा तो वो बात गलत निकली। इसपर गुस्साई ADM मंजूषा विक्रांत ने किशोर दुकानदार को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया। एडीएम को तमाचा जड़ते देख उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी भी डंडा लेकर दुकानदार की ओर बढ़ा।
खबरें और भी 👉👉 खुली सिस्टम की पोल : कंटेनमेंट जोन में सुबह छत से गिरी लड़की, दिन भर एम्बुलेंस भी नहीं पहुंची, बेटी को ठेले पर रखकर बेबस पिता ने पहुंचाया अस्पताल.
इसके बाद प्रशासन ने इस दुकान को सील कर दिया था, जिस युवक को अपर कलेक्टर ने थप्पड़ मारा वो इसकी ही दुकान बताई जा रही है जिसे वो ओर उसके पिता चलाते हैं. घटना के बाद अपर कलेक्टर का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आ पाया है.यह घटना संभवत: किसी मोबाइल फोन के कैमरे में कैद हो गयी और आज यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महिला अधिकारी का नाम मंजूषा राय बताया गया है, जो वहां पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के रूप में पदस्थ हैं। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमला भी बचाव की मुद्रा में नजर आने लगा है और अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रही हैं।
खबरें और भी 👉👉 लोगों को जिंदगी बचाने का टीका लगातेे-लगाते फ्रंट लाइन वर्कर (ANM) ही हारी कोरोना से जंग.
हालांकि ये बात रही है कि कोरोना काल में प्रशासन की गाइडालइन के खिलाफ जाकर दुकान आदि खोलना गलत है, लेकिन इस तरह अधिकारी द्वारा किसी को थप्पड़ मारना भी जायज नहीं ठहराया जा सकता। ऐसी ही एक घटना में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के कलेक्टर द्वारा एक युवक को सरेराह चांटा मारने, मोबाइल तोड़ने वाले और उसे पुलिस से पिटवाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा हटा दिया गया था। देखना होगा कि इस मामले में सिंघम अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
