
बेतूल। पड़ोसी द्वारा बार-बार लड़ाई झगड़ा एवं परेशान करने से तंग आकर एक पड़ोसन ने गुंडों को उसे मारने की सुपारी दे डाली। 50 हजार रुपए लेकर गुंडों ने पड़ोसी पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में पड़ोसी बाल-बाल बच गया। पड़ोसी अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने जानलेवा हमले करने के आरोप में दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीन आरोपी सीहोर जिले के रहने वाले हैं।
घटना 8 अगस्त की है। एसडीओपी नितेश पटेल के मुताबिक बैतूल के पाढर इलाके में 8 अगस्त की रात 11 बजे मनोहरी उइके (40) पर चाकुओं से जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में मनोहरी गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे पाढर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि मनोहरी की पड़ोसन नर्मदा ने उसकी हत्या करवाने के लिए गुंडों को 50 हजार रुपए की सुपारी दी थी। इसमें उसकी भांजी ने मदद की।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
बदमाशों ने मनोहरी को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया। उससे कहा कि उन्हें दारू दिलवा दो। मनोहरी के इनकार करने पर एक बदमाश ने चाकू निकाला और ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इसके बाद हमलावर कार से भाग निकले।
ऐसे हुआ खुलासा
शक के आधार पर पुलिस ने पड़ोसन नर्मदा और उसकी बहन की लड़की से पूछताछ की। शुरुआत में तो उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों पिघल गईं। उन्होंने बताया कि मनोहरी छोटी-छोटी बातों पर परेशान करता है। कभी वह उसके खेत में बकरी चरा देता तो कभी पत्थर मारता था। बहन की लड़की को उसने परेशानी बताई। उसने अपने दोस्त दिलीप मांझी निवासी ग्राम जहाजपुरा, तहसील रहटी (सीहोर) के जरिए दो बदमाश अतुल शर्मा निवासी ग्राम जोगला, थाना नसरुल्लागंज (सीहोर) और चैन सिंह निवासी ग्राम नेहरूगांव तहसील नसरुल्लागंज (सीहोर) से संपर्क किया।
एडवांस में भी दिए रुपए
पड़ोसी को मारने की एवज में एडवांस के तौर पर 10 हजार रुपए की पेशगी भी दे दी गई। तीनों ने 7 अगस्त की दोपहर पाढर आकर रैकी भी की और यहां से होशंगाबाद चले गए। 8 अगस्त को तीनों बदमाश नर्मदा द्वारा उपलब्ध कराई गई कार से पाढर आए और हमला कर भाग गए।
