
जनता कर्फ्यू में जनता को पीटने से मध्य प्रदेश की पुलिस कहीं से भी बाज नहीं आ रही है। ताजा मामला संस्कारधानी जबलपुर का है। जहां पर की पुलिस ने लॉक डाउन का पालन करवाने के लिए ना सिर्फ एक महिला का सर फोड़ दिया बल्कि एक मासूम बच्चे को भी जानवरों की तरह पीटा। चेकिंग के दौरान स्वजन के साथ घर जा रही महिला का सिर फूटने की घटना से शनिवार को रामपुर तिराहे पर बवाल मच गया। महिला व उसके स्वजन ने आरोप लगाया कि वाहन चेकिंग के नाम पर महिला पुलिस कर्मी ने डंडे से उसका सिर फोड़ दिया। इस दौरान काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस की जब इस बर्बरता का कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने उल्टा उन पर ही मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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महिला का फोड़ा सिर
बताया जा रहा है एक महिला जब मोटरसाइकिल में सवार होकर ग्वारीघाट तरफ जा रही थी। तभी रामपुर चोराहे में चैकिंग कर रही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।जब बाइक नही रुकी जिसके बाद महिला पुलिस कर्मी ने डंडा फेंककर उस पर हमला कर दिया। डंडा मोटरसाइकिल में सवार महिला के सिर पर लगा जिससे वह लहूलुहान हो गई। इस घटना से आक्रोशित महिला, उसके स्वजन समेत तमाम लाेग मौके पर हंगामा करने लगे। घटना के बाद स्थानीय लोगो ने पुलिस की इस कार्यवाही का वीडियो भी बनाया। इधर थाना प्रभारी का कहना था कि महिला मोटरसाइकिल से गिर गई थी। जिस कारण से उसे चोट आई है।
इधर, गोरखपुर थाना प्रभारी सारिका पांडेय ने बताया कि चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल से गिर जाने के कारण किसी महिला के घायल होने की सूचना मिली थी।
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अधारताल में मासूम को पुलिस ने मारा
गोरखपुर थाना पुलिस के बाद पुलिस की बर्बरता की दूसरी घटना का मामला अधारताल थाना पुलिस का सामने आया है जहाँ फल का ठेला लगाने वाले एक मासूम के साथ पुलिस ने हैवानों जैसा बर्ताव किया है। पुलिस ने न सिर्फ मासूम बच्चे के साथ मारपीट की बल्कि उसका ठेला भी पलटा दिया। वही पुलिस की इस कार्यवाही का जब एक स्थानीय युवक ने विरोध किया तो अधारताल थाना पुलिस ने उस युवक पर ही धारा 353 लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन का पालन करवाने के नाम पर जबलपुर पुलिस का इस तरह से अमानवीय चेहरा आए दिन सामने आ रहा है। ऐसे में अब जरूरत है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस तरह के मामले को संज्ञान लेकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करें क्योकि पुलिस की इस तरह की कार्यवाही से हो सकता है कि आम जनता में पुलिस के प्रति सम्मान नही ख़ौफ़ पैदा होने लगे।
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नागरिकों को यह ध्यान रखना होगा की तीसरी लहर की चेतावनी जारी हो चुकी है-पुलिस अधीक्षक जबलपुर
इधर, शनिवार को सुबह से शाम तक पुलिस ने सड़कों पर बेवजह घूमते मिले 309 लापरवाहों को अस्थाई जेलों में भेजा। 68 व्यापारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की। शारीरिक दूरी व मास्क के निर्देशों की अवहेलना करने वाले 3 हजार 325 लोगाें पर कार्रवाई कर 3 लाख 34 हजार 800 रुपये जुर्माना वसूल किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोगों में जागरुकता आई है और वे कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रोटोकाल का पालन कर रहे हैं। परंतु अब भी कुछ नागरिक व व्यापारी लापरवाही कर रहे हैं जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए नागरिकों का जागरूक होना आवश्यक है। भले ही संक्रमण की रफ्तार घटी है परंतु नागरिकों को यह ध्यान रखना होगा की तीसरी लहर की चेतावनी जारी हो चुकी है।

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