
दमोह विधानसभा उपचुनाव में मिली पराजय के बाद भाजपा में उठा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। दमोह उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस व उनके पुत्र सिद्धार्थ मलैया व 5 मंडल अध्यक्षों को पार्टी से निष्कासित करने के बाद पार्टी के मतभेद खुलकर सामने आने लगे । शिवराज सरकार में रहे पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने ट्वीट करके हार की जिम्मेदारी पर सवाल पूछा है,तो वही पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया दिल्ली जाने की तैयारी में है,जहां वे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखने की बात कह रहे हैं। इस बीच पूर्व गृह मंत्री व राज्य योजना आयोग के पूर्व अध्यक्ष तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता हिम्मत कोठारी जयंत मलैया के पक्ष में सामने आ गए हैं।
दल-बदल कानून का कोई औचित्य नहीं बचा
भाजपा के वरिष्ठ नेता हिम्मत कोठारी ने जयंत मलैया पर हुई कार्यवाही को पूरी तरह गलत ठहराया है । उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक इमानदारी से तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि मलैया जी का परिवार जनसंघ के जमाने से काम कर रहा है, उनको नोटिस देना किसी को बलि का बकरा बनाना है।उन्होंने सीधे सीधे सवाल किया कि राहुल लोधी को भाजपा में लाने की और टिकट देने की क्या वजह थी । पार्टी ने उन्हें निगम का चेयरमैन बनाकर मंत्री का दर्जा क्यों दे दिया। हिम्मत कोठारी ने अटल बिहारी वाजपेई जी को याद करते हुए उनके द्वारा लाए गए दल-बदल कानून का हवाला देते हुए कहा कि आज उस कानून का कोई औचित्य नहीं बचा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि आज के समय सौदेबाजी से दल बदल हो रहा है। हिम्मत कोठारी ने कहा कि जब कोई हमारी पार्टी से किसी दूसरी पार्टी में जाता है तो हम उसे गद्दार मानते हैं तो फिर किसी दूसरी पार्टी से आने वाले को हम अपने यहां सही कैसे मान सकते हैं।
कार्यकर्ताओं को बोलने का अवसर नहीं मिलता
पूर्व गृहमंत्री ने सीधे-सीधे पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी वही अच्छी होती तो एक पीढ़ी के बाद दूसरी पीढ़ी को तैयार परिवारवाद नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम दूसरी पीढ़ी के लोग थे तो हमारे वरिष्ठ उन्हें हमें तैयार किया। हमारे सामने शिवराज सिंह जी नरेंद्र सिंह तोमर जी की तीसरी पीढ़ी आई और हमने तीसरी पीढ़ी के नेतृत्व में भी काम किया । उन्होंने सवाल पूछा कहा कि फिर क्या कारण है कि हमारी उपेक्षा हो रही है ,हमें कोई पद नहीं चाहिए ।उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाते हुए कहा की तीसरी पीढ़ी को पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया है । पार्टी के मंच पर केवल नेताओं के भाषण होते हैं वहां कार्यकर्ताओं को बोलने का अवसर नहीं मिलता तो कार्यकर्ता कहां जाएगा। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे में कोई कार्यकर्ता कैसे काम कर सकता है।
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महंगाई का मुद्दा दमोह उपचुनाव में हार का मुख्य कारण था
पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि महंगाई का मुद्दा दमोह उपचुनाव में हार का मुख्य कारण था । बिना वजह के राहुल लोधी को टिकट देना भी हार का कारण बना। पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि कहां की मध्यम वर्गीय परिवार की इस समय उपेक्षा हो रही है । जिन मध्यमवर्गीय की वजह से पार्टी आज यहां तक पहुंची आज उनकी पार्टी में लगातार उपेक्षा हो रही। पार्टी को खड़ा करने के लिए इन मध्यमवर्गीय लोगों ने ही गाली खाई थी,लेकिन बड़े बड़े पूंजीपतियों को लाकर मध्यमवर्गीय व्यापारियों की कमर तोड़ दी गई है। ऐसे में मध्यम वर्ग की उपेक्षा हार का एक बड़ा कारण है जिस की समीक्षा की जानी चाहिए । पूर्व के मंत्री ने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में पहले सामूहिक नेतृत्व चलता था सामूहिक नेतृत्व से फैसले होते थे लेकिन अब वह नहीं हो रहा है।

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