
बैढ़न: बैढ़न थाना क्षेत्र हिर्रवाह बस्ती में पुल के पास सड़क के किनारे सब्जी की दुकान लगाकर बैठी महिलाओं के साथ पुलिस व प्रशासनिक टीम को बदसलूकी करना भारी पड़ गया । दुकान हटाने को लेकर की गई बदसलूकी से आक्रोशित महिलाएं एकजुट होकर पुलिस पर टूट पड़ी और पथराव करना शुरू कर दिया । पहले तो पुलिस ने पथराव के लिए जरिए मुकाबला करने की कोशिश की लेकिन जब सब्जी विक्रेता महिलाओं के बच्चे व युवाओं की भीड़ बढ़ गई तो पुलिस और साथ पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भाग खड़े हुए । पथराव में अधिकारियों के वाहन को भी क्षति पहुंची है।
घटना के संबंध में बताया गया कि कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने भ्रमण पर निकली पुलिस को सूचना मिली कि हिर्रवाह बस्ती में सड़क पर कई सब्जी की दुकान लगी हुई है। पुलिस ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी अधिकारियों ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ऋषि पवार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर,कोतवाली प्रभारी अरुण पांडे, पुलिस बल व नगर निगम की टीम को मौके के लिए रवाना हुए । वहां पहुंचने पर पुलिस के जवानों ने महिला विक्रेताओं से सब्जी की दुकान हटाने को कहा लेकिन कोई भी दुकान हटाने को तैयार नहीं हुआ उनकी दलील रही कि सब्जी की दुकान है नहीं लगाएंगे तो खाएंगे क्या।
महिलाओं की इस दलील को पुलिस ने नजरअंदाज करते हुए कहा कि गाइडलाइन के अनुसार दुकान नहीं लगाई जा सकती है । यह कहते हुए जब पुलिस ने बल प्रयोग किया तो महिला सब्जी विक्रेता आक्रोशित हो गई । पहले तो महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई। लेकिन थोड़ी ही देर में महिलाओं ने उग्र रूप ले लिया और पुलिस पर पथराव करने लगी । पुलिस के जवानों ने भी पथराव से महिला विक्रेताओं का जवाब देना चाहा लेकिन महिलाओं के समर्थन में गांव की भीड़ आ गई। बाकी दूसरी महिलाओं और बच्चों ने भी पथराव करना शुरू कर दिया । नतीजा पुलिस और कुछ दूर पर खड़े अधिकारियों को भागना पड़ा । पथराव में अधिकारियों के दो वाहनों के शीशे टूट गए ।
महिला विक्रेताओं ने लगाया बदसलूकी का आरोप
सब्जी बेच रही महिलाओं ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। सब्जी विक्रेता महिलाओं का कहना है लॉकडाउन की जानकारी उन्हें है लेकिन वह सब्जी बेचना बंद कर देंगे तो उनके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा । विक्रेताओं का कहना है कि पुलिस के निर्देश पर वह दुकान हटा ही रही थी कि पुलिस वालों ने गाली देना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई तो पुलिस वालों ने लाठी बरसानी शुरू कर दी और बात बिगड़ गई।
घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है
महिला विक्रेताओं की ओर से किए गए पथराव के बाद पुलिस तो उस समय वहां से चली गई। लेकिन थोड़ी ही देर में वहां तीन थानों की पुलिस व अधिकारी वापस आ पहुंचे । हालांकि तब तक भीड़ वहां से जा चुकी थी। पुलिस ने एलाउंसमेंट करते हुए सब्जी के साथ किसी भी तरह दुकान न खोलने की हिदायत दी है, साथ ही दर्जन भर से ज्यादा जवानों को वहां तैनात कर दिया गया है।
घटना के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर का कहना है कि हिर्रवाह के पुल के पास कुछ लोग सब्जी की दुकान लगा रहे थे। जिससे वह भीड़ इकट्ठी हो रही थी दुकान बंद कराने गई पुलिस के साथ ग्रामीण महिलाओं ने पथराव किया है । इस मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है, उसके बाद गाइडलाइंस के उल्लंघन करने वालों व सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में उनके ऊपर प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा के सख्त दिशा निर्देश फिर भी हो रहा बवाल
लॉकडाउन के दौरान किसान व्यापारी वह सब्जी दुकानदारों के साथ पुलिस सहायता के साथ के साए रीवा रेंज के आईजी द्वारा इस तरह की पुलिस को नसीहत दी गई है। जिसका बाकायदा सिंगरौली एसपी द्वारा अपने यहां के सभी थाना प्रभारियों को लिखित में आदेश भी दिया गया था । इसके बावजूद जिले में महज 4 दिन के के भीतर दूसरी बार पुलिस व दुकानदारों के बीच विवाद की घटना सामने आई है। 4 दिन पहले देवसर में भी पुलिस व दुकानदारों के बीच इसी तरह का झड़प का मामला प्रकाश में आया था । जियावन पुलिस पर देवसर बाजार में व्यापारियों की पिटाई करने का आरोप लगा था।

