
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार में कैबिनेट मंत्री मोहन यादव के प्रतिनिधि पर उज्जैन के सरकारी अस्पताल के प्रभारी ने बड़ा आरोप लगाया है। अभय पैसे लेकर अपनी पसंद के लोगों को अस्पताल में बेड दिलवाता है। प्रभारी डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उसने उज्जैन का माधवनगर अस्पताल हाईजेक कर रखा है. वह लोगों से रुपए लेकर उनके मरीजों को यहां बेड दिलवाता था. उसकी वजह से 94 ऑक्सीजन वाले बेड पर होते थे, जबकि 50 ऑक्सीजन वाले बिस्तर के लिए जद्दोजहद करते थे.अभय की हरकतों से परेशान होकर प्रभारी ने दूसरे अस्पताल में अपना ट्रांसफर करा लिया। उनके आरोपों के बाद कांग्रेस ने मोहन यादव के इस्तीफे की मांग की है।
प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमरावत 25 दिनों तक माधवनगर अस्पताल के प्रभारी रहे, लेकिन चाह कर भी अभय विश्वकर्मा के चंगुल से अस्पताल को मुक्त नहीं करा पाए। माधवनगर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमरावत ने जब अभय की हरकत देखी तो उन्होंने व्यवस्था सुधारने की कोशिश की। उन्होंने अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया, लेकिन अभय पर इसका भी कोई असर नहीं पड़ा। अस्पताल के कुछ स्टाफ भी उसके साथ मिले हुए हैं, जो उसे बेड के खाली होने की जानकारी पहले ही दे देते हैं।लेकिन, काफी कोशिशों के बाद वे खुद परेशान हो गए और नगर निगम कमिश्नर से ट्रांसफर मांगा। उनके आवेदन पर उन्हें ट्रांसफर मिल भी गया, लेकिन कमिश्नर के साथ उनकी बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और मामले का खुलासा हो गया।
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दरअसल, अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव कुमरावत की चैटिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और मामला सामने आ गया। कुमरावत ने नगर निगम कमिशनर क्षितिज सिंघल को 1 मई को सुबह 8:45 पर WhatsApp किया था। उन्होंने लिखा- अपने आप को उच्च शिक्षा मंत्री का प्रतिनिधि कहने वाले अभय विश्वकर्मा ने माधव नगर अस्पताल को हाईजेक कर रखा है। मुझे माधव नगर से रिलीव करा दें। यहां बहुत परेशानी है. नागदा में नया 50 बेड वाला अस्पताल शुरू हो रहा है आप वहां ट्रांसफर कर दीजिए।इसके बाद अगले ही दिन डॉ. कुमरावत का ट्रांसफर हो गया।
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कांग्रेस ने कहा- मंत्री मोहन यादव को देना चाहिए इस्तीफा
कांग्रेस ने प्रभारी डॉक्टर के आरोपों की जांच के साथ मंत्री मोहन यादव के इस्तीफे की मांग की है। तराना के कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा है कि उन्हें पहले से ही अभय के कारनामे की जानकारी थी और उन्होंने मंत्री को भी इसके बारे में बताया था। परमार ने माना कि माधवनगर अस्पताल में आईसीयू बेड अभय के इशारों पर ही अलॉट होते थे।

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