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November 6, 2026
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मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) महामारी घोषित, जारी किया गया आदेश

राजधानी सहित प्रदेश में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अकेले भोपाल में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों की संख्या 245 हो गई है। जबकि पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा 700 से ज्यादा है। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और तेलंगाना के बाद अब मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) को महामारी घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। ब्लैक फंगस का शिकार हो रहे लोगों को इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार भी अलर्ट मोड पर है। इलाज में उपयोगी इंजेक्शन जुटाने से लेकर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए अब तेजी के साथ काम हो रहा है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा था कि ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया जा रहा है।

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राज्य किसी बीमारी को महामारी घोषित कर देते हैं, तो इससे संबंधित केस, इलाज, दवा और बीमारी से होने वाली मौत का रिकार्ड रखना होता है। इसके अलावा सभी मामलों की रिपोर्ट चीफ मेडिकल ऑफिसर को प्रदान की जाती है। मध्यप्रदेश में अब कोरोना की तरह अब ब्लैक फंगस का पूरा रिकार्ड जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) रखेंगे। इसके साथ ही इस बीमारी की प्रभारी तरीके से मॉनिटरिंग होगी।

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केंद्र ने सभी राज्यों को ब्लैक फंगस बीमारी को महामारी एक्ट 1897 के तहत नोटेबल डिजीज घोषित करने को कहा है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने 19 अप्रैल को राज्‍यों को लिखे पत्र में कहा था है कि सभी सरकारी, प्राइवेट अस्‍पतालों और मेडिकल कॉलेजों को ब्‍लैक फंगस की स्‍क्रीनिंग, डायग्‍नोसिस और मैनेजमेंट के गाइडलाइंस का पालन करना होगा। राज्यों को ब्लैक फंगस के केस, मौत, इलाज और दवाओं का हिसाब रखना होगा।

विपक्ष ने उठाए सवाल

प्रदेश सरकार की तमाम कोशिशों के बाद ब्लैक फंगस मरीजों की बढ़ रही संख्या और इंजेक्शन की कमी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा अस्पतालों में मरीजों को ब्लैक फंगस के इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं,लोग परेशान हैं। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा सरकार ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाएं जुटाने में लगी है। एंटीवायरल इंजेक्शन की कमी दूर करने के लिए निजी कंपनियों से लेकर केंद्र सरकार तक से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है, जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा।

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मप्र में बीमारी का इलाज मुफ्त
मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस बीमारी का इलाज सरकार ने मुफ्त कर दिया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को फ्री इलाज किया जा रहा है। लेकिन इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। जबलपुर में एक केस व्हाइट फंगस के मिले हैं, यह दवाओं से ठीक हो जाएगा।सीएम शिवराज के निर्देश पर प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेजों भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा में विशेष वार्ड बनाए गए हैं.सीएम शिवराज ने ब्लैक फंगस से इलाज के लिए जरूरी अम्फोटेरेसिन इंजेक्शन के लिए केंद्रीय रसायन मंत्री मनसुख मांडवीया से फोन पर चर्चा की हैमुख्यमंत्री ने सन फार्मा के प्रमुख दिलीप सांघवी से फोन पर चर्चा कर एंटीफंगल इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए बात की है. इस पहल के बाद प्रदेश को 2000 इंजेक्शन सप्लाई किये गए. गुजरात से स्टेट प्लेन ये खेप लेकर एमपी पहुंचा और यहां से अलग-अलग जिलों में इंजेक्शन भेजे गए.

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