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August 4, 2026
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जिले में भी ब्लैक फंगस की दस्तक, एक महिला की ब्लैक फंगस से मौत

सीधी : कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे सीधी जिले में खतरनाक ब्लैक फंगस ने दस्तक दे दी है। ब्लैक फंगस यानी म्यूकारमायकोसिस कोरोना संक्रमण की सबसे खतरनाक स्टेज मानी जा रही है। इस ब्लैक फंगस के चलते आंखों की रोशनी जाना सबसे डरावना परिणाम है। ये फंगस दिमाग-आंख की नसों में खून के बहाव को अवरुद्घ कर जानलेवा भी साबित हो रहा है।

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कोरोना वायरस के बाद ब्लैक फंगस ने सीधी जिले में दस्तक दे दी है। जिसके बाद से स्वास्थ्य अमले व लोगों के कान खड़े हो गए है। रामपुर नैकिन जनपद के चोरगड़ी निवासी एक महिला की ब्लैक फंगस से मौत हो गई है। घटना के संबंध में मृतिका के भतीजे विवेक त्रिपाठी ने बताया कि बड़ी मां प्रभा त्रिपाठी पति राजेन्द्र त्रिपाठी 52 वर्ष निवासी चोरगड़ी थाना रामपुर नैकिन की 5 मई से तबियत खराब थी जिनका कोविड टेस्ट कराया गया था जहां उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उनकी 17 मई को तबियत बिगड़ गई है जहां उनको उपचार के लिए एसजीएमएच रीवा ले जाया गया था। जहां डाक्टरों द्वारा उनका दो बार कोरोना का चेकअप किया गया जहां दोनो बार उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। प्रभा त्रिपाठी की हालत गंभीर होने पर उन्हे आईसीयू में भर्ती किया गया था। तब डाक्टरों द्वारा चेकअप किया गया जहां ब्लैक फंगस होने की पुष्टी हुई तब तक में बहुत देर हो चुकी थी। प्रभा त्रिपाठी के दिमाक तक फंगस पहुंच गया था। जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।

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क्या है ब्लैक फंगस

म्यूकरमाइकोसिस इंफेक्शन एक गंभीर बीमारी है जो शरीर में बहुत तेजी से फैलती है। जिसे आम बोलचाल की भाषा में ब्लैक फंगस कहा जाता है। ब्लैक फंगस मरीज के दिमाग, फेंफड़े या फिर स्किन पर भी अटैक कर सकता है। इस बीमारी में देश-प्रदेश में कई मरीजों के आंखों की रोशनी जा चुकी है। ब्लैक फंगस के कारण कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी के गलने की भी शिकायतें हैं। यदि समय रहते इसे कंट्रोल न किया गया तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

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ब्लैक फंगस की शिकायतें अक्सर कोविड रिकवरी के बाद आ रही हैं। इसके कई लक्षण हैं, जैसे दांत दर्द, दांत टूटना, जबड़ों में दर्द, दर्द के साथ धुंधला या दोहरा दिखाई देना, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी होना आदि। इसके अलावा इसमें व्यक्ति की आंखें लाल होना और पलकों पर सूजन दिखने लगी है।

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जिले में नही है कोई जांच व्यवस्था
जिले में अभी तक कोरोना से निपटने की तैयारियां पूरी नही हुई कि नई बीमारी ने जन्म ले लिया है। जिले में अभी तक ब्लैक फंगस से निपटने कोई रणनीति तैयार नही की गई है। जिससे जिलेवासियों को ब्लैक फंगस होगा तो इसकी जांच के लिए रीवा ले जाना पड़ेगा तब इसकी पुष्टी हो सकेगी।

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