
उमरिया कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर की स्टाफ नर्स निर्मला सिंह को अपने कार्यों के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने का दोषी पाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय उमरिया नियत किया गया है।
बताया जाता है कि दिनांक 11 मई 2021 को सहजन कोल निवासी ग्राम पतौर तहसील मानपुर की तबियत खराब होने पर पर मानपुर अस्पताल लाया गया था जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि सही समय पर दबा होने की वजह से उसकी मौत हो गई है। उनकी मृत्यु के उपरांत शव वाहन नहीं मिलने से परिजनों द्वारा शव को मोटरसाइकिल में बांधकर अपने गृह ग्राम पतौर ले जाने का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके लिए जांच दल गठित कर रिपोर्ट मांगी गई थी।
👉👉👉 प्रदेश में अब टाक्टे तूफान का कहर, सतना में बिजली गिरने से छह लोगों की मौत, 3 झुलसे.
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मानपुर द्वारा जांच प्रतिवेदन के माध्यम से बताया गया था कि 11 मई की सुबह सहजन कोल निवासी ग्राम पतौर तहसील मानपुर को 108 एंबुलेंस के माध्यम से मानपुर अस्पताल लाया गया।जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई ।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर की स्टाफ नर्स पदस्थ निर्मला सिंह द्वारा शव को उनके परिजनों को सुपुर्द करने संबंध में लापरवाही करते हुए जानकारी के बिना ही शव को अस्पताल से परिजनों को सौंप दिया गया, जिस कारण मृतक के परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
निर्मला सिंह का उक्त कृत्य उनके प्रति दायित्वों के प्रति लापरवाही कर्तव्य विमुखता, स्वेच्छाकारिता व अनुशासनहीनता को प्रदर्शित करता है, जो मप्र सिविल सेवा आचरण नियम के तहत कदाचरण की श्रेणी में आता है। जिस पर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने स्टाफ नर्स निर्मला सिंह को मप्र सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हए उनका मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय नियत किया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
