
शिवपुरी: मध्यप्रदेश के शिवपुरी में निजी अस्पताल सिद्धिविनायक की एंबुलेंस चिकित्सालय ने मानवीयता की हद ही पार कर दी ।जहां पहले कोरोना संक्रमित महिला की मौत के बाद उसके शव को तीन छोटे-छोटे बच्चों के पास उसके घर पर फिकवा दिया गया था। बाद में उसी मृतिका के परिजनों से इलाज का बकाया 1 लाख रुपए मांगा है । मृतक महिला के परिजन की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि परिजनों को यह नहीं समझ आ रहा कि वह इस विपदा की घड़ी में निजी चिकित्सालय की यह मांग पूरी कैसे करें।
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बता दें कि मृतिका नीलू चौहान को कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए थे। जिसको शहर के सिद्धिविनायक अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई इतना ही नहीं मृतिका के परिजनों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने महिला को वहां भर्ती कराया था तब उसके पास मोबाइल था। लेकिन अब उसके शव को घर के बाहर छुड़वाया गया तब उसका मोबाइल नहीं दिया गया। बाद में पूछने पर भी उन्होंने मोबाइल होने की बात से इंकार कर दिया।
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बताते चलें कि कुल मिलाकर कोरोना पीड़ित के शव को छोटे-छोटे बच्चों के पास आधी रात में छोड़कर अमानवीयता का परिचय दिया और अब इस गरीब परिवार से 1 दिन के इलाज के बदले 1 लाख रुपए की मांग कर भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी है।
वही इस मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि हमने तत्काल हीं उक्त निजी चिकित्सालय को कारण बताओ नोटिस दिया था, जिसका जवाब तो आ गया है लेकिन अभी उनके द्वारा देखा नहीं गया। जवाब के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी साथ ही उनका यह भी कहना है कि रुपए की मांग संबंधी बात को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
