
देश इन दिनों तरक्की की नई-नई इबारतें लिख रहा है लेकिन आज भी तमाम इलाके ऐसे हैं, जहां बेसिक सुविधाएं भी नहीं हैं। सिंगरौली जिले में दिल दहला देने वाले मामले आए सामने जिसमें एक पिता ने अपनी बेटी का शव खाट पर लेकर 35 किलोमीटर दूर पोस्टमार्टम कराने के लिए पैदल चलने को मजबूर हुआ, तो जिले की ही दूसरी घटना में एक गर्भवती महिला ने 108 एंबुलेंस ना मिलने के कारण जंगल में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा । सिंगरौली जिले में सिस्टम की अनदेखी की इन शर्मनाक तस्वीरों को देखकर कई सवाल खड़े होते हैं।
मामला निवास पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम गड़ई गांव का है जहां धीरूपति की 16 वर्षीय नाबालिग बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । परिजनों ने घटना की सूचना निवास पुलिस चौकी को दी लेकिन पुलिस प्रशासन ने सहयोग नहीं किया। इसी दरमियान पिता बेटी का शव खाट पर रखकर पोस्टमार्टम कराने के लिए 35 किलोमीटर दूर पैदल लेकर गया । बेबस पिता का कहना था कि करे तो क्या करें पुलिस भी सहयोग नहीं कर रही ,और शव वाहन बुलाने पर भी नहीं आया इसलिए उन्हें मजबूरन सबको खाट पर रखकर इतना दूर लेकर आना पड़ा।
वहीं दूसरी घटना सरई तहसील ग्राम जट्टाटोला का है जहां एक गर्भवती आदिवासी महिला को अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस नहीं मिली जिस कारण गर्भवती महिला ने जंगल में ही सड़क पर बच्चे को जन्म दिया । ग्राम जट्टाटोला निवासी श्यामकली सिंह गर्भवती थी और प्रसव का समय करीब आ रहा था । जब उनके द्वारा 108 एंबुलेंस पर फोन करके बुलाया गया तो एंबुलेंस के ड्राइवर ने कहा कि मैं नहीं आ सकता। मजबूरी में महिला के पति लक्षणधारी सिंह गौड़ महिला को साइकिल पर लेकर सरई अस्पताल के लिए निकल पड़े लेकिन बीच रास्ते में ही महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और रात के समय जंगल में ही सड़क पर उसने बच्चे को जन्म दिया । परिवार द्वारा 181 पर जब पुरी घटना की शिकायत की गई,इसके बाद प्रसव के 2 घंटे बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
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यह दोनों ही घटनाएं सरकार के चलाए जाने वाले जन हितैषी योजनाओं की पोल खोलते हुए दिख रहे हैं। आज सरकार दावे तो बड़ी-बड़ी करती है लेकिन ग्राउंड में कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस ने शिवराज सिह सरकार को घेरा
यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि एक तरफ भाजपा के जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष सहित तमाम नेता संपूर्ण लॉकडाउन में नियमों को ताक पर रखकर धरना रखते हैं लेकिन सिंगरौली जिले के में शर्मसार करने वाली घटनाओं पर आखिर भाजपा के नेता या जनप्रतिनिधि चुप्पी क्यों साध रखी हुई है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह घोषणाएं करते हैं लेकिन असल में जिले में सरकार की योजनाओं की पोल खुलते दिख रही है। जब एक पिता को शव वाहन न मिलने से बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए खाट पर लग कर ले जाना पड़ता है, तो वहीं दूसरी तरफ गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस ना मिलने से साइकिल पर बैठाकर पैदल अस्पताल ले जाया जाता है शव जहां जंगल में ही बीच रास्ते पर महिला बच्चों को जन्म देती है । उन्होंने सवाल किया कि क्या यही विकास है सिंगरौली का जिसेमें शिवराज सिंह सिंगरौली से सिंगापुर बनाने का दावा करते हैं।

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