
पशुपति पारस लोक जनशक्ति पार्टी संसदीय दल के नेता बन गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सोमवार को देर रात मान्यता दी। पहले चिराग पासवान संसदीय दल के नेता थे। स्पीकर ने एलजेपी सांसदों को उस मांग को स्वीकर कर लिया है जिसमें उन्होंने पत्र लिखकर कहा था कि पशुपति पारस को लोक जनशक्ति पार्टी का संसदीय दल के नेता के रूप में मान्यता दी जाए।अब आधिकारिक तौर पर रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति पारस लोकसभा में अपनी पार्टी के संसदीय दल के नेता होंगे।
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पार्टी एनडीए के साथ थी आगे भी रहेगी और गठबंधन धर्म का पूरी तरह पालन करेगी-पशुपति पारस
इससे पहले लोजपा नेता पारस ने कहा कि उनकी पार्टी एनडीए के साथ थी आगे भी रहेगी और गठबंधन धर्म का पूरी तरह पालन करेगी। उन्होंने कहा कि जहां तक बिहार का सवाल है वह नीतीश कुमार को अच्छा नेता और विकास परक पुरुष मानते हैं । पारस से जब यह पूछा गया कि क्या उनकी पाटीर् का जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में विलय होगा तब उन्होंने कहा कि लोजपा का पूरे देश में संगठन है और बिहार में उसका बहुत मजबूत जनाधार है। इसलिए इसका कोई सवाल ही नहीं उठता है।
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आपको बता दें कि सोमवार को चिराग को हटाकर पशुपति पारस पासवान को संसदीय दल का नया नेता चुन लिया गया है। चाचा के इस कदम के बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं। बागी सांसदों ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष मानने से भी इनकार कर दिया है। जिन पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है उनमें पशुपति पारस पासवान (चाचा), प्रिंस राज (चचेरे भाई), चंदन सिंह, वीणा देवी, और महबूब अली केशर शामिल हैं। अब चिराग पार्टी में बिल्कुल अकेले रह गए हैं।
जो जैसा बोता है वैसा ही पाता है-आरसीपी सिंह जनता दल यूनाइटेड
लोक जनशक्ति पार्टी में फूट को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने चिराग पासवान पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि जो जैसा काटेगा वैसा ही काटेगा। उन्ळोंने कहा कि पुरानी कहावत है कि जो जैसा बोता है वैसा ही पाता है। उन्होंने चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि बिना मेहनत के पद मिलना आसान होता है, लेकिन उसे पचाना सबके लिए आसान नहीं होता है।

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