
बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण का बहिष्कार कर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी अलग-थलग पड़ गए हैं। पार्टी ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया है। नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा है कि यह पटवारी का फैसला था, पार्टी का नहीं। सदन की गरिमा बनी रहना चाहिए। बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा- सदन चलेगा, तो गरिमा रहेगी न…। पार्टी के मुंह मोड़ने के सवाल पर उनका कहना था कि वह अकेले नहीं पड़े हैं, पूरी पार्टी मेरे साथ है।
कमलनाथ के बाद दिग्विजय ने भी नहीं दिया साथ, दिया बड़ा बयान – संविधान हीनता लोकतंत्र के खिलाफः दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने समाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जब दिग्विजय सिंह से जीतू पटवारी के राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ”संविधान हीनता लोकतंत्र के खिलाफ होती है, मैं इसके साथ नहीं हूं, जब उनसे पूछा गया कि आप किसके साथ है तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं लोकतंत्र के साथ हूं.” यानि दिग्विजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर जीतू पटवारी को दिग्विजय सिंह का साथ भी नहीं मिला।
बता दें कि कांग्रेस पार्टी में जीतू पटवारी को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है, वह कई मुद्दों पर जीतू पटवारी का समर्थन करते हुए भी नजर आए हैं, हालांकि राज्यपाल के अभिभाषण के मुद्दे पर दिग्विजय सिंह ने किनारा कर लिया।
पढ़िए, जीतू पटवारी से बातचीत के प्रमुख अंश…
कमलनाथ ने कहा है कि अभिभाषण का बहिष्कार आपका निर्णय है, पार्टी का नहीं?
पटवारी: कमलनाथ मेरे नेता हैं। वो मुख्यमंत्री बनें। मेरा हर प्रयास उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का है। यह बात प्रदेश के हित में है। कमलनाथ जी भविष्य का मध्यप्रदेश बना सकते हैं। उनमें यह क्षमता है। जो भी प्रदेश के लिए, पार्टी के लिए, कमलनाथ के लिए अच्छा होता है, मैं करता हूं। आगे भी करता रहूंगा। जहां तक मुद्दों का सवाल है, तो सारे मुद्दों से कमलनाथ जी भी एग्री हैं। पार्टी भी एग्री है। मेरा ख्याल है कि प्रदेश की जनता भी एग्री है। क्या प्रदेश की जनता चाहती है कि अपने बच्चों और प्रदेश को नशेड़ी बनाएं। किसानों का कर्ज खा गई है सरकार। क्या कमलनाथ जी और हम सब नहीं चाहते कि हमें हमारा पैसा और हक मिले। मेरा मुद्दा क्या गलत है, बताओ…।
…. उनका कहना है कि ऐसा करना सदन की गरिमा के खिलाफ है।
पटवारी: अरे! सदन चलेगा तो गरिमा रहेगी न, दो साल में सदन चला कितना है। सदन ही नहीं चलेगा तो विधायक अपनी बात रखने के तरीके ढूंढेगा, खोजेगा। सदन चलेगा, तभी तो हम अपनी बात रखेंगे।
……. संसदीय मंत्री ने आपके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पटवारी: संसदीय कार्यमंत्री यदि मेरी पार्टी में कार्रवाई करवाना चाहते हैं, तो उनको मुबारक हो। पार्टी निर्णय लेगी मेरा। संसदीय कार्यमंत्री नहीं लेंगे। और मैं जो कार्य करता हूं, मेरे खून की रग-रग में संसदीय कार्यमंत्री की लूट की फली हुई सत्ता को हटाना है।
……… क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि आप इस मुद्दे पर पार्टी में अकेले पड़ गए हैं?
पटवारी: काहे का अकेले पड़ गया। पूरी पार्टी मेरे साथ है… कमलनाथ मेरे साथ हैं… पूरी जनता हमारे साथ है। यह मेरा व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। जनता की बात है।
…… सदन में कमलनाथ को आपका साथ देना था?
पटवारी: व्यक्तिगत अगर उन्होंने कोई निर्णय लिया हो.. वो सीनियर नेता हैं। उनकी हर बात का सम्मान है। उनकी बात कोई नहीं काटे। उनको मुख्यमंत्री बनाना मेरा ध्येय है।
……. संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में अभिभाषण लीक होने की बात कही और पूछा कि आपको अभिभाषण कहां से मिला?
पटवारी: मिलने और पढ़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। सवाल यह है कि मप्र में शराब की 3500 नई दुकानें खोल दी हैं। आज सात हजार दुकानें हो गई हैं। नई शराब नीति लाए, इसका विरोध है। 27% आरक्षण तो कमलनाथ जी ने दिया, वो कैंसिल कर दिया। गाय पूरे प्रदेश में मर रही है। मेरे वक्तव्य का पूरा कथन देखो- ऐसा अभिभाषण, ऐसी सरकार का अभिभाषण, कैसे सुनें कि प्रदेश में ऐसी अराजकता है। मैंने यह कहा। मैंने पिछला अभिभाषण तो पढ़ा था। पिछला अभिभाषण कितना मूर्त रूप लिया, यह बताए सरकार।
……. आपके बहिष्कार करने के फैसले का साथ नहीं देने पर CM शिवराज ने कमलनाथ की तारीफ की है।
पटवारी: किसने क्या कहा, इससे मुझे कोई मतलब नहीं। मुझे मतलब है कि मप्र में लूट की सरकार जाए। कमलनाथ जी के नेतृत्व में लोकतंत्र की सरकार आए। मप्र की जनता के हित सुरक्षित हों, उनकी आवाज विपक्ष में मैं और मेरी पार्टी उठाए। यह मेरा दायित्व है और मैं यह करता रहूंगा।
……. कांग्रेस में गुटबाजी की बात सामने आती रहती है। दिग्विजय सिंह के विधायक बेटे जयवर्धन सिंह भी विधानसभा नहीं पहुंचे। आप भी नहीं पहुंचे?
पटवारी: कमलनाथ के नेतृत्व में पूरी पार्टी एक है। मेरा ध्येय है कि कमलनाथ फिर से मुख्यमंत्री बनें। इसके लिए अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा।
…….. आगे विधानसभा कार्रवाई में शामिल होंगे?
पटवारी: पार्टी ने अभी मेरी ड्यूटी उत्तराखंड में लगा दी है। मेरी पार्टी ने जो आदेश दिया है, वह करूंगा।
