29.5 C
Madhya Pradesh
September 21, 2026
MP Sidhi News
देश विदेशराजनीति

सिंधिया के बाद जितिन भी हुए भाजपाई, नाराज चल रहे पायलट को रोकना अब कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम का एक के बाद एक विकेट गिरता जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद अब जितिन प्रसाद ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। राहुल गांधी के करीबी सचिन पायलट उनसे किए गए वादे 10 महीने बाद भी पूरे नहीं होने पर नाराज हैं, जिनके समर्थन में पार्टी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह भी आ गए हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बढ़ गया है। देखना ये है कि सचिन पायलट को पार्टी अपने साथ कैसे साधकर रखती है?

खबर यह भी है👉👉👉 vभाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र शरण ने प्रदेश कार्य समिति के सदस्यों का किया अभिनंदन और प्रदेश नेतृत्व का जताया आभार 

जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होते ही सचिन पायलट गुट के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। सचिन पायलट के साथ जो वादे किए गए थे, उन्हें आज तक पूरा नहीं किया गया। सुलह के लिए जो कमेटी बनाई गई थी, उस कमेटी ने कोई बैठक नहीं की। हम लोग प्रियंका गांधी से दिल्ली में मिले थे, तब बात हुई थी कि हमारी सुनवाई होगी, लेकिन अभी तक हमें बुलाया नहीं गया। हम खुद दो बार दिल्ली जाकर अपना दर्द बताकर आए हैं, लेकिन कोई सुन नहीं रहा।

खबर यह भी है👉👉👉 कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील : विचलित होकर जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया न करें इससे भाजपा को मौका मिलेगा और कांग्रेस का नुकसान होगा-अजय सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष

बता दें कि पिछले साल अगस्त में सचिन पायलट के नेतृत्व में राजस्थान के कई कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत का झंडा उठा लिया था। उस वक्त दोनों गुटों के नेताओं ने कई दिन तक होटल में अपने समर्थक विधायकों को बंद रखा था। इसके चलते सीएम गहलोत ने पायलट को डिप्टी सीएम पद से और उनके दो समर्थकों विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था। गहलोत सरकार को अस्थिर देखकर बीजेपी भी सक्रिय हो गई थी, लेकिन हाईकमान के दखल के बाद पायलट मान गए थे।

खबर यह भी है👉👉👉 क्या मध्यप्रदेश भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं ?: मध्य प्रदेश में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बीच कैबिनेट बैठक में टकराव

पायलट-गहलोत के बीच वर्चस्व की जंग खत्म करने के लिए एक सुलह कमेटी बनी, लेकिन अभी तक न तो पायलट के जिन सहयोगियों को मंत्री पद से हटाया गया उन्हें सरकार में वापस लिया गया और न ही सुलह कमेटी के सामने रखी गई मांगों पर कार्रवाई हुई। ऐसे में पायलट और उनके सहयोगियों के सब्र का बांध टूट रहा है। राजस्थान की राजनीति में अब 10 महीने बाद फिर से बगावत के सुर तेज हो रहे हैं।

खबर यह भी है👉👉👉 एकतरफा प्यार के चक्कर में युवती और उसकी 2 मासूम भतीजियों पर किया एसिड अटैक,आरोपी गिरफ्तार

सचिन पायलट ने इसी साल 14 अप्रैल को कहा था कि सुलह कमेटी में जिन तमाम मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन पर अब कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे नहीं लगता कि अब कोई ऐसा कारण है कि उस कमेटी के निर्णयों के क्रियान्वयन में और अधिक देरी हो। पायलट ने कहा था कि मुझे सोनिया गांधी पर पूरा विश्वास है, उनके आदेश पर ही कमेटी बनी थी। सचिन पायलट ने मंगलवार को नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 10 महीने हो गए हैं और उनसे किए वादे पूरे नहीं किए गए हैं। मुझे समझाया गया था कि सुलह कमेटी तेजी से एक्शन लेगी, लेकिन आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है और वे मुद्दे अब भी अनसुलझे ही हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी को सत्ता में लाने के लिए रात-दिन मेहनत की और अपना सब कुछ लगा दिया, उनकी सुनवाई ही नहीं हो रही है। सचिन पायलट ने कहा था कि जहां तक मेरा अपना मानना है कि सरकार को ढाई साल हो चुके हैं, घोषणा पत्र में जो वादे किए थे, कुछ पूरे भी किए हैं और बचे हुए कार्यकाल में वादों को पूरा करने के लिए और गति से काम करना होगा। इसमें राजनीतिक नियुक्तियां हैं, मंत्रिमंडल का विस्तार है। उसमें पार्टी और सरकार मिलकर एकराय बनाएंगे।

खबर यह भी है👉👉👉 7 लाख हड़पने के बाद ब्लैकमेल करती थी, हारा हुआ शिक्षक करने लगा सुसाइड, तो बेटे ने महिला को हटा दिया रास्ते से

सचिन पायलट के बयान से एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गर्मा गई है। पायलट का बयान ऐसे वक्त आया है जब उनके एक समर्थक हेमाराम चौधरी ने अपने इलाके के विकास के कामों की अनदेखी के मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस आलाकमान की तरफ से कोई रास्ता नहीं निकलता देख कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, सचिन पायलट के समर्थन में आ गए हैं।भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पार्टी हाईकमान ने सचिन पायलट से जो वादे किए थे वो पूरे करने चाहिए, ताकि पायलट अपने कार्यकर्ताओं को संतुष्ट कर सकें। हालांकि, उन्होंने कहा है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई बात नहीं है और न ही सरकार पर कोई खतरा है, लेकिन पायलट से किए गए वादे पूरे होने चाहिए।

रमेश मीणा और अन्य विधायकों के दलित आदिवासी विधायकों के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाने पर पायलट ने समर्थन किया पायलट के बाद उनके समर्थक विधायक भी उनके सुर में सुर मिला रहे हैं ऐसे में देखना है कि राहुल टीम के 2 विकेट गिरने के बाद कांग्रेस हाईकमान आप किस तरह से पायलट को साधकर कर रखता है।

Related posts

मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव : कांग्रेस को आपत्ति, नए सिरे से आरक्षण कराने की मांग

MP SIDHI NEWS TEAM

पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक, राज्यों में कोरोना के हालात की करेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा

MP SIDHI NEWS TEAM

दिल्ली हरियाणा समेत इन राज्यों को केंद्र की चिट्ठी, कोरोना मामलों पर अलर्ट रहने को कहा

MP SIDHI NEWS TEAM
MP Sidhi News

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
error: Content is protected !!