
मध्य प्रदेश की राजनीति में चल रही तमाम अटकलों के बीच गृह एवं जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। भाजपा में सियासी मुलाकातों के दौर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब सोशल मीडिया की देन है। शिवराज जी मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।
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सोमवार की सुबह एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा के चार इमली स्थित आवास पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम पहुंचे। दोनों के बीच एक घंटे से ज्यादा समय तक बंद कमरे में गुफ्तगू हुई। मुलाकात को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह एक सहज और सामान्य मुलाकात थी जो संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते नरोत्तम मिश्रा से की गई। बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नरोत्तम ने भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा जिन समितियों का गठन किया गया है, उनकी सोमवार को बैठक होनी है और इस नाते विधानसभा अध्यक्ष के साथ उनकी एक सहज और स्वाभाविक मुलाकात थी।
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वहीं नरोत्तम मिश्रा के बंगले पर लगातार हो रही सियासी मुलाकातों को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति में बदलाव की तमाम खबरें व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की देन है और इस यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर होने के लिए किसी योग्यता की जरूरत नहीं है। उन्होने कहा कि शिवराज सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे, मुख्यमंत्री हैं, और मुख्यमंत्री रहेंगे। नरोत्तम मिश्रा का यह बयान इस मायने में बड़ा है क्योंकि पिछले एक हफ्ते से प्रदेश की राजनीति में हलचल मची हुई है। जहां राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भोपाल दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा, सुहास भगत और नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात कर चुके हैं वहीं प्रभात झा भी नरोत्तम से मिल चुके हैं। इसके साथ ही वीडी शर्मा और नरोत्तम मिश्रा भी पिछले चार दिनों में दो बार मिले हैं। सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह की खबरें वायरल हो रही है कि प्रदेश में जल्द नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है और कई लोग इस पद की दौड़ में आगे हैं। अब नरोत्तम के इस ताजा बयान के बाद लगभग साफ हो गया है कि तमाम अटकलें निराधार है और आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में फिलहाल परिवर्तन के कोई संकेत नहीं।
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मध्य प्रदेश की राजनीति में 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी की दिल्ली में संगठन से बातचीत जारी है। पीएम केयर्स फंड को लेकर शिवराज सिंह की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।शिवराज सिंह जी के नजदीकी अधिकारी ने पीएम केयर्स फंड के लिए सैकड़ों से ज्यादा आरटीआई अलग-अलग जगहों से लगवाई गई थी। कई जगह कई बार आवेदन लगाए गए। दिल्ली में आलाकमान अधिकारी के किए गए कार्य से नाराज हैं।
मुख्यमंत्री की कुर्सी स्थिर नहीं
अपनी बेगुनाही नहीं साबित करने पर बदले जा सकते हैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह। अगला मुख्यमंत्री को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं।

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