
प्रदेश में निकाय चुनावों की तारीखों का भले ही ऐलान नहीं हुआ हो, लेकिन सियासी हलचल जारी है। इसी बीच शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब जनता नहीं बल्कि पार्षद महापौर और अध्यक्षों के पद का चुनाव करेंगे। इसकी जानकारी आज सागर में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दी।
खबर यह भी है👉👉👉 घर से दहेज के पांच लाख और जेवर लेकर गायब हो गई लड़की,पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू
बता दे कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने जनता की बजाय पार्षद के जरिये चुनाव कराना तय किया था। सरकार बदलने के बाद भाजपा सीधे चुनाव कराने के पक्ष में थी, लेकिन अब भाजपा सरकार भी पार्षदों में से ही महापौर और नगर पालिका/ पंचायतों के अध्यक्षो चुनाव कराएगी। अब इनके दावेदारों को वार्ड पार्षद का चुनाव जीतना अनिवार्य रहेगा।
खबर यह भी है👉👉👉 सोशल मीडिया में दोस्ती कर युवती से करता रहा बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार
मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मप्र में आगामी नगरीय निकाय चुनाव में महापौर का चुनाव सीधे जनता द्वारा न होकर चुने हुए पार्षदों द्वारा होगा।इस आशय का निर्णय पिछले विधानसभा सत्र के दौरान ही शासन द्वारा लिया जा चुका है।
खबर यह भी है👉👉👉 सिवनी के महिला अधिकारी से ट्रांसफर के लिए मंत्री के OSD के नाम पर 25 हजार की लूट
आपको बता दे पिछले डेढ़ साल से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते नगरीय निकाय चुनाव अटके है। मौजूदा कोरोना काल को देखते हुए सम्भावना अभी भी कम ही है कि आने वाले समय में जल्द चुनाव हो पायेगा। इस सम्बंध में नगरीय प्रशासन मन्त्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना नियंत्रण पहले है, उसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होगी। क्योंकि सरकार की पहली प्राथमिकता कोरोना की तीसरी लहर से निपटना है। इसके बाद ही निकाय चुनाव के बारे में फैसला लेगें।

1 comment
[…] […]