
मध्य प्रदेश के रीवा से जहां औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ प्रभारी संचालक का 11 लाख रुपए रिश्वत लेने का एक वीडियो वायरल हुआ है यह रकम ठेकेदार से बतौर कमीशन के रूप में लिया जाना बताया जा रहा है। आरोप है कि एपी सिंह ने धर्मपाल एण्ड कंपनी रोहतक हरियाणा को दिए गए औद्योगिक कार्यों पर कमीशन के तौर पर ठेकेदार से 11 लाख रुपए लिए थे।
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पूरा मामला
जानकारी के अनुसार रीवा में स्थित औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ प्रभारी कार्यकारी संचालक एपी सिंह ने थर्मल एंड कंपनी को औद्योगिक कार्यों का ठेका दिलवाया था। ठेका दिलवाने के नाम पर अपना कमीशन भी पहले ही फिक्स कर लेता था। जानकार बताते हैं कि यह हरियाणा की कंपनी रीवा के गूढ़ और सिंगरौली जिले के बैढन में निर्माण कार्य कर रही है।इसी निर्माण कार्य के बदले में औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ प्रभारी कार्यकारी संचालक एपी सिंह द्वारा 11 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। झोले में एक व्यक्ति जो थर्मल एंड कंपनी का कर्मचारी बताया जा रहा है वह पैसे लेकर ए पी सिंह के घर पर पहुंचता है और 11 लाख रुपए दिखाकर संचालक को पैसे दे रहा है।
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यह वीडियो देखकर यह भी लग रहा है की वीडियो जानबूझकर बनाया गया है। जारी वीडियो में विनोद कुमार सचिव धर्मपाल एण्ड कंपनी रोहतक हरियाणा ने बताया कि ये रिश्वत का कोई पैसा नहीं है। बल्कि बालू ठेकेदार श्रीकांत चतुवेर्दी का पैसा है। जो सप्लाई के माल का पैसा था।
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कौन है एपी सिंह
बता दें कि औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ प्रभारी कार्यकारी संचालक एपी सिंह अक्सर चर्चा में रहते है। वे सतना जिले में जनपद पंचायत सीईओ की पदस्थापना के दौरान भ्रष्टाचार के मामले में विवादों में रहे। इसके बाद वे MPIDC कार्यालय पहुंच गए। जहां पर तबादले के बाद अभी कोर्ट के स्टे पर जमे हुए हैं। खुद को विंध्य के एक बड़े भाजपा नेता का रूम मैट व कांग्रेस नेता का करीबी बताते हैं।कुछ लोगों का आरोप है कि अधिकारी के भाई पुलिस विभाग में हैं। वे मामले को मैनेज करने अब ठेकेदार पर दबाव बना रहे है। ऐसे में बचाव के लिए वीडियो का काउंटर बार किया गया है।

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