
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंंसिंग के माध्यम से हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2021-22 की आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। नई आबकारी नीति के तहत अब मध्य प्रदेश में शराब ठेके का लाइसेंस महंगा कर दिया गया है।लाइसेंस फीस 5% से बढ़ाकर 10% कर दी गई है और इसमें केवल 10 माह के लिए ही ठेके दिए जाएंगे। खास बात ये है कि इस हफ्ते में यह दूसरी बार है जब कैबिनेट बैठक बुलाई गई।इससे पहले मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई थी।
प्रदेश में शराब दुकानों के मौजूदा ठेकों का 10 प्रतिशत मूल्य वृद्धि के साथ नवीनीकरण किया जाएगा। यह ठेके एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक के लिए होंगे। इन दस माह में सरकार को नवीनीकरण से 8,809 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। वहीं, जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने देसी शराब की छोटी बोतल 90 मिलीलीटर की बाजार में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
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कैबिनेट के निर्णय के बारे में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि आबकारी नीति के तहत दुकानों के संचालन का नवीनीकरण वार्षिक शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ होगा। जो ठेकेदार इस दर पर नवीनीकरण नहीं करेंगे, उन दुकानों के छोटे ग्रुप बनाकर नीलाम किया जाएगा। पहली बार देसी शराब की छोटी बोतल 90 मिलीलीटर की उपलब्ध कराई जाएगी। अभी तक 180 मिलीलीटर की बोतल में देसी शराब मिलती है। महंगी होने की वजह से रसायन से बनी जहरीली शराब के सेवन से दुर्घटनाएं होती हैं।
कैबिनेट बैठक में बताया गया कि नई आबकारी नीति के तहत वर्ष 2020-21 की कीमत में 10% की वृद्धि कर 1 जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक इन 10 महीनों के लिए उसी लाइसेंसी को वह दुकान पुनः चलाने की व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई लाइसेंसी 10% की वृद्धि को स्वीकार नहीं करता है और दुकान छोड़ता है तो उस दुकान की प्रथक से नीलामी होगी और टेंडर होगा।
बता दे कि हाल ही में मंगलवार 11 मई को हुई पिछली बैठक में लाइसेंस फीस 5% बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई थी, इसके बाद आज दोबारा से कैबिनेट बैठक बुलाई गई, इसमें मंजूरी दी गई। वही पिछले साल शिवराज सरकार को शराब से करीब 2500 करोड़ का नुकसान हुआ था।
बड़े ठेकेदार तैयार नहीं
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि 10% लाइसेंस फीस बढ़ाकर बड़े ठेकेदार तैयार नहीं है। उनका कहना है कि शादी-ब्याह का सीजन निकल चुका है। अब शेष 10 महीने के लिए 10% फीस बढ़ाना न्यायोचित नहीं है। बता दें कि प्रदेश में शराब की नई नीति 1 अप्रैल से लागू होना थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते वर्तमान ठेकेदारों को लाइसेंस फीस में 5% की वृद्धि कर इसे 31 मई तक के लिए लागू किया गया था।
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5% वृद्धि से 450 करोड़ की आय
विभाग के सूत्रों ने बताया कि लाइसेंस फीस 5% बढ़ाई जाती है तो सरकार को करीब 450 करोड़ रुपए की आय बढ़ जाएगी। सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की ऑन लाइन बिक्री को नया जरिया बनाने की तैयारी में है। इसका भी ठेकेदार विरोध कर रहे हैं।
21% की दर से बढ़ रही शराब की खपत
प्रदेश में साल दर साल शराब की खपत बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2002-03 में 7 करोड़ 40 लाख लीटर शराब की खपत थी। यह वर्ष 2019-20 में बढ़ कर 32 करोड़ 20 लाख लीटर हो गई। खपत औसतन 21 % की दर सालाना बढ़ रही है। सरकार का अनुमान है कि शराब के रेट में कम वृद्धि होने से खपत बढ़ेगी।
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ऐसे समझें नई आबकारी नीति
- वित्तीय वर्ष 2021-22 की शेष अवधि एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक के लिये नवीन आबकारी व्यवस्था को मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है। अनुमोदित आबकारी व्यवस्था को प्रदेश में लागू करने के लिये राज्य शासन ने निर्देश जारी कर दिये हैं।
- वाणिज्यिक कर विभाग ने आबकारी आयुक्त को निर्देश जारी कर नई व्यवस्था के तहत नवीनीकरण की कार्यवाही 18 मई 2021 की शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से पूरी करने को कहा गया है।
- नवीन व्यवस्था में जो प्रावधान किये गये है। उसमें वर्तमान में प्रदेश के मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों को वर्ष 2020-21 प्रभावशील समस्त प्रावधानों एवं शर्तों को यथावत रखते हुये एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक की अवधि के लिये ठेकों के नवीनीकरण का विकल्प दिया जाएगा।
- नवीनीकरण के लिये वर्ष 2020-21 के 10 माह के मूल्य की गणना के लिए 31 मार्च 2021 को जीवित ठेके के स्वीकृत मूल्य को प्रोरेटा आधार पर 365 दिवस का बनाया जाकर उसमें से 1 अप्रैल 2020 से 31 मई 2020 की अवधि के वास्तविक मूल्य (प्रथम त्रैमास को 30% वेटेज देते हुए) को घटाया जाएगा। इस 10 माह के प्राप्त मूल्य में 10% की वृद्धि करने पर एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 की अवधि के लिये नवीनीकरण का मूल्य निर्धारित होगा।
- जारी निर्देशों में कहा गया है कि नई आबकारी नीति के तहत 90 मिली लीटर की धारिता में भी देशी मदिरा का प्रदाय किया जाए। प्रारम्भ में उत्पादन का कम से कम 10 प्रतिशत 90 मिली बोतल में भरा जाए, जिसे बाद में मांग के अनुरूप कम ज्यादा किया जा सकेगा। इसका एमआरपी 180 मिली बोतल की कीमत का आधा रखा जाए।
- देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था को पूर्व में मंत्रि-परिषद द्वारा 31 मई 2021 तक के लिये अनुमोदित किया गया था। जिसे उक्त प्रावधान के साथ अन्य शर्ते यथावत रखते हुए 31 जुलाई, 2021 तक बढ़ाया जाए।
- स्थानीय निकाय द्वारा जिन स्थानों पर दुकानें निर्मित कर उन्हें मदिरा दुकान हेतु उपलब्ध कराया जाता है, ऐसी दुकानों को लायसेन्सी द्वारा कलेक्टर द्वारा निर्धारित दरों पर मदिरा दुकान संचालन के लिये अनिवार्यतः किराये पर लिया जायेगा।


