
उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद मचा सियासी घमासान शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी द्वारा पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस व उनके पुत्र सहित पांच लोगों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी के इस एक्शन का विरोध शुरू हो गया, पार्टी के कई निष्ठावान कार्यकर्ता इसे गलत कह रहे हैं और विरोध कर रहे हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जयंत मलैया के बचाव में उतर रहे हैं, व अपनी ही पार्टी के फैसले पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। पार्टी के नेताओं द्वारा रोज रोज नए-नए बयान आ रहे हैं। वहीं पार्टी के वरिष्ठ और समर्पित नेता जयंत मलैया को नोटिस दिए जाने का खुलकर विरोध कर रहे हैं। हार के बाद जिस तरह से राहुल लोधी ने सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने अपनी हार का ठीकरा मलैया परिवार पर फोड़ा उससे भाजपा की अंदरूनी कलह सामने आ गई।

पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक अजय विश्नोई और पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी के बाद अब पूर्व मंत्री कुसुम महदेले भी जयंत मलैया के बचाव में आ गई हैं उन्होंने इसे लेकर अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया । उन्होंने पूर्व मंत्री अजय विश्नार्ड के बयान का भी समर्थन किया है । सबसे बड़ी बात यह है कि कुसुम मेहेंदले ने दमोह में उपचुनाव करावाने को ही गलत बताया कुसुम मेहेंदले ने ट्वीट किया कि जयंत मलैया जी व सिद्धार्थ मलाया पर आरोप-प्रत्यारोप कतई उचित नहीं है उप चुनाव कराना भी उचित नहीं था।
उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा – “अब भाजपा के पास वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, अवमानना करने और उनकी निष्ठा पर असत्य लांछन लगाना भी शुरू हो गया है। जयन्त मलैया जी को कारण बताओ नोटिस और सिध्दार्थ की सदस्यता समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
“पूर्व मंत्री एवं भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुसुम महदेले ने पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के बयान का समर्थन करते हुए ट्वीट किया – “अजय विश्नोई जी दमोह उपचुनाव के लिए आपने सही टिप्पणी की है।”
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री जयंत मलैया पर कार्रवाई के बाद पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने सरकार से सवाल करते हुए ट्वीट किया था – “चुनाव में हार की जबावदारी क्या टिकिट बांटने वाले और चुनाव प्रभारी भी लेंगे?” अजय विश्नोई के बाद पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने ने भी पूर्व मंत्री जयंत मलैया पर की गई कार्रवाई को गलत बताय था। हिम्मत कोठरी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि – मलैया जी का परिवार जनसंघ के जमाने से काम कर रहा है। उनको नोटिस देना किसी को बलि का बकरा बनाना है।

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