
दमोह उपचुनाव में भाजपा को मिली करारी हार के बाद पार्टी ने बड़ी कार्यवाही की है। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया समेत दमोह के 5 मंडल अध्यक्षों को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।
दमोह विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने के कारण भारतीय जनता पार्टी ने दमोह जिले के अपने पांच मंडल अध्यक्ष और प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सिद्धार्थ मलैया को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा के निर्देशानुसार की गई इस कार्यवाही के साथ-साथ पूर्व विधायक व पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को भी दमोह विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए दमोह उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन ने भाजपा प्रत्याशी राहुल लोधी को 17 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।
मालूम हो, भाजपा ने राहुल सिंह लोधी को अपना प्रत्याशी बनाया था। राहुल 2018 के चुनाव में कांग्रेस से चुनाव लड़े थे और उन्होंने जयंत मलैया को 798 मतों से पराजित किया था। इसके बाद बदले राजनीतिक हालात के चलते राहुल लोधी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। इसी के बाद दमोह में उपचुनाव हुए और भाजपा ने राहुल कोे अपना प्रत्याशी बनाया था।
उधर, दमोह विधानसभा से लगातार विधायक निर्वाचित होने वाले जयंत मलैया ने राहुल लोधी को प्रत्याशी बनाने पर आपत्ति जताई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से विरोध के सुर शांत कर दिए गए। उपचुनाव के दौरान जयंत मलैया ने राहुल लोधी के लिए मंच से प्रचार भी किया था।
वहीं रिजल्ट के बाद राहुल लोधी ने जयंत मलैया परिवार पर हार का ठीकरा फोड़ते हुए शिवराज सिंह व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.डी. शर्मा से उचित कार्यवाही की मांग की थी, इसके बाद करीब 5 दिन बाद जयंत मलैया और उनके बेटे पर यह कार्यवाही की गई है।

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