
शिक्षित युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत शिक्षित युवा को एक लाख रुपए से 50 लाख रुपए तक का ऋण एवं अनुदान आर्थिक गतिविधि के लिए दिया जा रहा है। इस योजना से सेवा क्षेत्र एवं व्यवसाय के लिए 25 लाख रुपए तक तथा निर्माण कार्यों के लिए 50 लाख रुपए तक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होना चाहिए। उसकी वार्षिक आय 12 लाख रुपए से कम हो तथा शैक्षणिक योग्यता न्यूतम 12वीं पास होना चाहिए। आवेदक को किसी भी बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। आवेदन पत्र के साथ आवेदक को पोर्टल पर 12 प्रकार के अभिलेख अपलोड करने हैं। यदि परियोजना 10 लाख रुपए से अधिक की है तो परियोजना प्रपत्र भी अपलोड करना अनिवार्य होगा।
इस संबंध में महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का पोर्टल शुरू हो गया है। पात्र आवेदक इसमें ऑनलाइन आवेदन दर्ज करा सकते हैं। इस योजना में पात्र आवेदक को तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान हर वर्ष देने तथा सीजीटीएमएसई फीस की भरपाई मध्यप्रदेश सरकार करेगी। यह फीस लागत का लगभग तीन प्रतिशत होती है। ऋण एवं अनुदान का वितरण बैंकों के माध्यम से किया जाएगा। सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सभी बैंकों में इस योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। फरवरी माह में रीवा में आयोजित होने वाले स्वरोजगार मेले का मुख्य केन्द्र उद्यम क्रांति योजना है। पात्र आवेदक ऑनलाइन आवेदन करके अपने प्रकरण दर्ज कराएं। इस संबंध में किसी भी तरह की कठिनाई होने पर जिला उद्योग व्यापार केन्द्र से संपर्क करें।
