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September 23, 2026
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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में लागू होगी घरेलू हिंसा सहायता योजना; महिलाओं को मिलेगी चार लाख की सहायता, जानें पूरी प्रक्रिया

घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मध्य प्रदेश सरकार देगी मदद के तौर पर ₹400000 तक की आर्थिक सहायता। नई योजना के बारे में कैबिनेट की बैठक में आज निर्णय हुआ। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में कई निर्णय हुए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के दौरान मध्य प्रदेश में नई योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। नई योजना का नाम मध्य प्रदेश घरेलू हिंसा सहायता योजना रहेगा। इसके तहत अब घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को प्रदेश सरकार 4 लाख तक की आर्थिक सहायता देगी। योजना के तहत अलग-अलग केटेगरी निर्धारित की जाएगी।

मध्य प्रदेश घरेलू हिंसा सहायता योजना; बालिकाओं को भी मिलेगी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट ने फैसला लिया कि प्रदेश में घरेलू हिंसा की पीड़ित बालिका या महिला को सरकार ने आर्थिक सहायता दी जाएगी।

नई सहायता योजना इस प्रकार रहेगी

प्रदेश की कैबिनेट की बैठक में निर्णय लेने के पश्चात पूरी योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि प्रदेश में इस योजना के तहत पीड़िता को शरीर के किसी भी अंग की क्षति 40% से कम होने पर 2 लाख और इससे अधिक होने पर 4 लाख रुपए तक सहायता दी जाएगी।

ऐसे करना होगा आवदेन

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी मध्यप्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना लागू है। इसमें सभी प्रकार की हिंसा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने घरेलू हिंसा की पीड़िता को सहायता देने का प्रावधान करने की घोषणा की थी। इसके अनुरूप योजना बनाई है।

इसमें घरेलू हिंसा की शिकार बालिका या महिला को जिले के वन स्टॉप सेंटर को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के साथ आवेदन देना होगा। प्रतिकर योजना में दोषसिद्ध पर ही पूर्ण मुआवजा राशि दी जाती है। नई योजना में ऐसी बाध्यता नहीं है।

कलेक्टर की अध्यक्षता में हर जिले में बनाई कमेटी

गृहमंत्री ने बताया कि हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें पुलिस अधीक्षक, सीएमएचओ और महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। यदि कमेटी के निर्णय से पीड़िता संतुष्ट नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में वह 60 दिन में संभागायुक्त के समक्ष अपील कर सकेगी।

इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

मध्य प्रदेश घरेलू हिंसा सहायता योजना के साथ ही प्रदेश की कैबिनेट बैठक में अन्य निर्णय भी हुए जो इस प्रकार हैं:-

  • बैठक में वर्ष 2022-23 के लिए आबकारी नीति को भी मंजूरी दी गई। इसमें उप दुकान खोला जाना वाणिज्यक कर विभाग द्वारा प्रस्तावित किया गया था जिसे मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया।
  • बाटलिंग फीस में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
  • बीयर इकाई को किसी पंजीकृत कंपनी को लीज फर दिया जा सकता है। यह ऐसी कंपनी को दिया जाएगा जिसका वार्षिक टर्न ओवर एक करोड़ रुपये से कम नहीं होना चाहिए।
  • अंगूर से शराब बनाने पर वर्ष 2025-26 तक आबकारी शुल्क नहीं लिया जाएगा। जामुन से भी वाइन के निर्माण की अनुमति होगी। शराब दुकानों के ठेके छोटे समूह में दिए जाएंगे।
  • भोपाल और इंदौर में माइक्रो ब्रेवरीज खोली जा सकेंगी।
  • बैठक में नगरीय क्षेत्रों में शामिल आबादी भूमि के पट्टे दिए जाने के नियम को भी मंजूरी दे दी। इसमें भूमि धारण करने वाले को एक ही भूखंड पर आवासीय और वाणिज्यिक उपयोग करने पर अलग-अलग पट्टे दिए जाएंगे।
  • लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के तहत कंपनी गठित करने का निर्णय भी लिया गया है। यह कंपनी विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों के प्रबंधन का काम देखेगी।
  • स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने के लिए 25 प्रतिशत रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही शेष 75 प्रतिशत पदों पर क्रमोन्नति दी जाएगी।
  • आयुष्मान निरामयम योजना के तहत गैस पीड़ित परिवारों को भी शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत एक साल में उपचार पर पांच तक में योजना के माध्यम से किया जाएगा। इससे अधिक राशि में होने पर गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी।
  • विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग का नाम बदलकर घुमंतू और अर्ध घुमंतु जनजाति विभाग किए जाने का निर्णय लिया गया।
  • शासकीय सेवकों को प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित विभागीय परीक्षा में पांच प्रतिशत अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित की गई है।
  • उज्जैन औद्योगिक क्षेत्र में शबा सिलेंडर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नौ करोड़ 86 लाख रुपए की लागत से सिलेंडर निर्माण की इकाई लगाई जाएगी। इसके लिए 50 हजार वर्ग फीट भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।
  • प्रदेश के स्वशासी इंजीनियरिंग कालेज और पालिटेक्निक में 11 माह के लिए अतिथि व्याख्याता की नियुक्ति की जाएगी। इन्हें तीस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय का भुगतान होगा।

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