
मध्यप्रदेश में कोरोना के प्रति संक्रमण को देखते हुए एक तरफ जहां तकनीकी विश्वविद्यालय में परीक्षा ऑनलाइन आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया है। वहीं मध्य प्रदेश के स्कूलों में बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन आयोजित करने की तैयारी की गई है। जिस पर अब अभिभावकों ने कड़ा रोष प्रकट किया है। अभिभावकों का कहना है कि एक तरफ जहां तकनीकी विश्वविद्यालय में बच्चों को ऑनलाइन परीक्षा के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं स्कूलों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों हो रहा है।
बता दें कि एक तरफ जहां तकनीकी कॉलेजों में ऑनलाइन परीक्षा ली जाएंगी। वहीं स्कूलों में ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित की जा रही है। MP Board 9वीं से 12वीं तक की छमाही परीक्षा का आयोजन भी ऑफलाइन तरीके से किया गया है जबकि इस साल MP Board 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी ऑफलाइन माध्यम से ली जाएगी। इससे पहले मध्य प्रदेश में 100 फीसद क्षमता के साथ ही स्कूलों को खोल दिया गया था। हालांकि Corona के बढ़ते मामले को देखते हुए स्कूलों में 50 फीसद क्षमता के साथ कक्षा लगाने का आदेश जारी किया गया था। इसके साथ हिसाब से स्कूलों में बंद ऑनलाइन क्लास को एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है।
मामले में अभिभावकों का कहना है कि देश में युवाओं के लिए वैक्सीन आ चुकी है लेकिन बच्चों पर अभी खतरा बढ़ा है। इसके साथ ही तीसरी संभावित लहर के निशाना भी बच्चे को बताया जा रहा है। ऐसी स्थिति में एमपी बोर्ड की परीक्षा का ऑफलाइन आयोजन बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। वहीं अभिभावकों की मांग है कि MP Board परीक्षा का आयोजन भी ऑनलाइन माध्यम से किया जा सके ताकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाया जा सके।
प्रदेश में आए दिन कोरोना के बढ़ते मामले अब चिंता का विषय बन कर उभरे हैं। प्रदेश के प्रमुख जिले कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में तकनीकी विश्वविद्यालय में परीक्षा के आयोजन ऑनलाइन कराने की सहमति दी गई है। वही एमपी बोर्ड द्वारा समय से पहले बोर्ड परीक्षा की तैयारी का आयोजन करवाने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। बोर्ड परीक्षा के छात्रों को फॉर्म भरने के साथ-साथ फॉर्म में संशोधन की तिथि घोषित कर दी गई है। 2021-22 MP Board 10वीं-12वीं की परीक्षा समय से पूर्व आयोजित करवाई जाएगी।
