
सागर। मंगलवार दोपहर लोकायुक्त सागर की टीम ने 5 हजार की रिश्वत लेते हुए वन विभाग के वनरक्षक और वनपाल को रंगेहाथ दबोचा है। शिकायतकर्ता किसान से दोनों जंगली सुअरों ने नष्ट की फसल का मुआवजा राशि प्रतिवेदन बनाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे थे।
सागर जिले के रहली के चांदपुर में किसान संजय कुमार कोतु निवासी चांदपुर के खेत में लगी मुंगफली और तिली की फसल जंगली सुअरों ने नष्ट कर दी थी। इसी का वन विभाग से मुआवजा राशि का प्रतिवेदन बनवाना था। किसान संजय ने वन चौकी सहजपुरी वेदवारा में पदस्थ वनरक्षक जसवंत पुत्र हरीश सिंह धुर्वे (46) निवासी ग्राम उमरा (दमोह) और वन चौकी खैराना किशनगढ़ दक्षिण वन मंडल सागर में पदस्थ वनपाल शेख हनीफ पुत्र शेख पीरबक्स (61) निवासी धरमपुरा चंदन तलैया के पास दमोह से बात की। उन्होंने मुआवजा राशि का प्रतिवेदन तैयार करने के नाम पर 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। परेशान होकर किसान संजय ने मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय सागर में की।
रंगे हाथ पकड़ा वनरक्षक व वनपाल
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त टीम ने जांच की और पुष्टि होते ही मंगलवार दोपहर कार्रवाई के लिए टीम चांदपुर पहुंची। जहां वनरक्षक जसवंत और वनपाल शेख हनीफ रिश्वत के 5 हजार रुपए लेने के लिए संजय के खेत पर पहुंचे। जैसे ही संजय ने रिश्वत की राशि दी। लोकायुक्त टीम ने दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया। हाथ धुलवाए तो लाल हो गए।
लोकायुक्त निरीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि वनरक्षक और वनपाल किसान संजय से जंगली सुअरों द्वारा नष्ट की गई मुंगफली व तिली की फसल की मुआवजा राशि का प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में 5 हजार की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए वनरक्षक और वनपाल को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
