
रीवा। आय से अधिक संपत्ति के आरोप में लोकायुक्त पुलिस ने आज दूसरे दिन रीवा जिले के बैजनाथ ग्राम पंचायत के महिला सरपंच सुधा जितेंद्र सिंह कार्रवाई पूरी कर ली। कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद लोकायुक्त एसपी राजेंद्र वर्मा ने बताया कि दो दिन चली कार्रवाई के दौरान पहले दिन मिली संपत्ति 12 करोड़ से बढ़कर 18 करोड़ के पार पहुंच गई है। संपत्ति का लेखा-जोखा करने के बाद अब मामले को विवेचना में ले लिया गया है।
लोकायुक्त एसपी द्वारा महिला सरपंच सहित उसके पति के नाम पर अर्जित संपत्ति का ब्यौरा पेश किया गया। वहीं दूसरी और कार्रवाई के बाद पद का दुरुपयोग कर अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई करने की बात कही गई है। मालूम हो कि महिला सरपंच सुधा सिंह के बैजनाथ गांव की स्थिति घर सहित रीवा के ढेकहा मकान में गत मंगलवार की सुबह 4 बजे दबिश देकर कार्रवाई शुरू की गई थी जो कि बुधवार की दोपहर 3 बजे पूरी हो गई। दो दिन चली कार्रवाई के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले को विवेचना में ले लिया है।
करोड़ों की संपत्ति निकली
मंगलवार को सुधा सिंह सरपंच ग्राम बैजनाथ के ग्राम बैजनाथ स्थित आवास एवं रीवा सतना रोड़ शारदापुरम कालोनी स्थित आवास में छापामार कार्रवाई की गई। अभी तक की कार्रवाई में महिला सरपंच के पास ग्राम बैजनाथ स्थित आवास की अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये, जिसमें शानदार स्वीमिंग पुल गार्डन है एवं शारदापुरम कालोनी स्थित आवास की अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपये है। सरपंच के पास 2 क्रेसर मशीन, एक मिक्चर मशीन, एक ब्रिक मशीन व 30 बड़े वाहन जिसमें चेन माउन्ट, जेसीबी, हाइवा, लोडर, ट्रैक्टर, इनोवा, स्कार्पियो, ईट मशीन आदि जिनकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये है।
महिला के आधिपत्य से 20 लाख रुपये के सोने, चांदी के जेवरात, 12 लाख रुपये जीवन बीमा पॉलिसी व बैंक खाते में जमा तथा 36 भूखंड के दस्तावेज मिले हैं जिनमें से 75 भूखंड की कीमत 8 करोड़ रुपये होना पाई गई है। इसी प्रकार मकान इन्वेंटरी 20 लाख रुपये व नकद 3,50,000 रुपये पाई गई है। कार्रवाई में कुल 19 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पाई गई।
सरपंच पति ठेकेदारी करता है
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला सरपंच के पति जितेंद्र सिंह ठेकेदारी का काम करते हैं। बताया गया है कि महिला सरपंच के पति द्वारा जेएस कंस्ट्रक्शन कंपनी नामक फर्म बनाई गई है। जिसके अंतर्गत वह सड़क निर्माण तथा पुल-पुलिया निर्माण कार्य करते हैं।
बैजनाथ गांव के शिक्षक सूर्य नारायण मिश्रा बताते हैं कि महिला सरपंच पति वर्ष 1995 से माइनिंग क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। उनके नाम पर दो क्रेशर संचालित है। जबकि पत्थर के लिए उनके पास 3.5 एकड़ खनिज पट्टा भी है। जांचकर्ता अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि कार्रवाई पूरी हो गई है। पृथक से इस विषय की जांच की जाएगी कि ठेकेदारी में सरपंच पति ने महिला सरपंच द्वारा कमाए गए रुपये का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
