
केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार बुधवार को हो सकता है। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 53 है, जिसे बढ़ाकर 81 किया जा सकता है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कैबिनेट में होने जा रहा ये विस्तार आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया जा सकता है।जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी की कैबिनेट में कल शाम यानी बुधवार को साढ़े पांच से 6 बजे तक विस्तार हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव की संभावनाएं प्रबल हैं। कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया के बीच दिल्ली में नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। असम के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सर्बानंद सोनोवाल भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा बिहार से जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। लेकिन आरसीपी सिंह को लेकर बताया जा रहा है कि वो यहां चर्चा करने के लिए आए हैं, शपथ लेने के लिए नहीं आए हैं।
खबर है कि कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले नेताओं को दिल्ली बुलाया जा रहा है। दिल्ली पहुंचने वाले नेताओं में पिछले साल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता नारायण राणे शामिल हैं। इसी के साथ अपना दल की अनुप्रिया पटेल को भी राजधानी बुलाया गया है।
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तमाम नेताओं के बीच अब ज्योतिरादित्य सिंधिया भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि जिस प्रकार मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने में सिंधिया ने अहम भूमिका निभाई है, उन्हें पीएम के मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इसके अलावा यूपी से बीजेपी नेता सकलदीप राजभर और लखीमपुर खीरी से सांसद अजय मिश्रा भी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
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अपने आक्रामक तेवरों के लिए मशहूर वरुण गांधी को भी केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। गांधी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सांसद हैं जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यूपी के कोटे से वरुण को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
कई मंत्रियों पर है एक से अधिक पोर्टफोलियो
कैबिनेट विस्तार का एक बड़ा कारण ये भी है कि मोदी सरकार में इस वक्त कई मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास एक से अधिक मंत्रालय है।पीयूष गोयल, हरदीप पुरी समेत कई मंत्रियों का नाम इसमें शामिल है। ऐसे में अगर 20 से अधिक मंत्रियों को कैबिनेट विस्तार के जरिए मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, तो अतिरिक्त प्रभार वाले मंत्रियों पर से बोझ भी कम होगा।
मंत्री बनने की लिस्ट में किसका नाम आगे?
• ज्योतिरादित्य सिंधिया
• सर्वानंद सोनोवाल
• नारायण राणे
• शांतनु ठाकुर
• पशुपति पारस
• सुशील मोदी
• राजीव रंजन
• संतोष कुशवाहा
• अनुप्रिया पटेल
• वरुण गांधी
• प्रवीण निषाद
सहयोगी दलों को मिल सकती है तवज्जो?
• जनता दल (यूनाइटेड) – बिहार
• लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति पारस गुट) – बिहार
• अपना दल – उत्तर प्रदेश
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व भी इस विस्तार में बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि भाजपा की सहयोगियों जदयू और अपना दल (एस) को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। आरपीआई नेता राम दास आठवले इकलौते ऐसे गैर भाजपाई नेता हैं जो नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल हैं।
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लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान का पिछले साल निधन हो गया था और ऐसे में सबकी नजरें इस ओर हैं कि उनके भाई पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाया जाता है या नहीं। उल्लेखनीय है कि लोजपा इन दिनों पारस और उनके भतीजे चिराग पासवान की अगुवाई वाले दो गुटों में बंटी हुई है।
