
देश के पांच राज्यों में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव व साल 2024 में होने वाले लोक सभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है और इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने गुरुवार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बीच, चर्चा है कि कांग्रेस संगठन में संभावित बदलाव में कमलनाथ को भी कोई महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है, हालांकि पार्टी की ओर से इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को संगठन द्वारा बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। कमलनाथ को कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कमलनाथ की पैठ कांग्रेस के सभी तबकों में है। इसके मद्देनजर उनको एक्टिंग प्रेसिडेंट या वर्किंग प्रेसिडेंट भी बनाया जा सकता है। हांलाकि अभी किसी भी तरह का अधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन, कमलनाथ ने इतना जरुर कहा है कि मैं पार्टी द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी को निभाऊंगा इसके साथ ही मध्य प्रदेश में मेरी सक्रियता बरकारार रहेगी।
आखिर क्यों कांग्रेस हाईकमान कमलनाथ को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने के बारे में क्यों सोच रही हैं?
कमलनाथ का गांधी परिवार से रिश्ता इंदिरा गांधी के समय से है। कमलनाथ इंदिरा के बेटे संजय गांधी के सबसे खास
दोस्त थे। कमलनाथ की संजय से दोस्ती दून कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। संजय गांधी उन्हें राजनीति में लेकर आए। उनके मित्रता राजीव गांधी से भी थी। इंदिरा उन्हें अपना तीसरा बेटा मानती थी। कमलनाथ गांधी परिवार के इतने करीबी हो चुके थे कि नारे लग रहे थे, ‘इंदिरा के दो हाथ, संजय गांधी और कमलनाथ।
इंदिरा गांधी ने कहा था कमलनाथ सिर्फ कांग्रेस नेता नहीं, मेरे तीसरे बेटे हैं
13 दिसंबर 1980 को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक मंच से कमलनाथ की ओर इशारा करते हुए कहा था कि ये सिर्फ कांग्रेस नेता नहीं है, राजीव और संजय के बाद मेरे तीसरे बेटे हैं। दरअसल ये इस दौर के बीत है जब कमलनात अपने राजनीतिक जीवन का पहला चुनाव लड़ रहे थे। इंदिरा उनके लिए प्रचार कर रही थीं। कमलनाथ ने वो चुनाव भी जीता और तब से लगातार जीतते आए हैं। कमलनाथ उन्हें मां कहकर पुकारते थे। यह कारण रहा कि कमलनाथ आज सोनिया गांधी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सबसे करीबी और विश्वासपात्र हैं।
मुलाकात के दौरान प्रियंका गांधी भी रहीं मौजूद
सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर हुई इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस और मौजूदा राजनीति से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर चर्चा हुई है।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस को कराई थी सत्ता में वापसी
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को अपने दम पर बनाने का पूरा श्रेय कमलनाथ को ही जाता है।कमलनाथ की छवि कांग्रेस में सक्रिय व अनुभवी नेता की है। जब मध्य प्रदेश में लगातार 15 वर्षों से भाजपा की सरकार थी व शिवराज सिंह मुख्यमंत्री थे तो कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए छिंदवाड़ा से बाहर निकल कर पूरे प्रदेश में भाजपा के खिलाफ माहौल बनाया । कमलनाथ बतौर प्रदेश अध्यक्ष संगठन के लिए बेहतर तरीके से काम किया। पूरे प्रदेश में कई गुटों में बंटी कांग्रेस को एकजुट कर पूरे दमखम के साथ विधानसभा चुनाव लड़कर प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में वापस लेकर आए और कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों का पाला बदलने के कारण कमलनाथ की सरकार गिर गई थी।
