
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुसमी ने जानकारी देकर बताया है कि जनपद पंचायत कुसमी के अधिकार क्षेत्रान्तर्गत सिंचाई जलाशयों को मत्स्य पालन एवं मत्स्य आखेट हेतु निर्धारित लीज राशि पर 10 वर्षीय पट्टे पर निर्धारित लीज राशि पर दिये जाने हैं। जिसके लिए पंजीकृत सहकारी समितियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाने हेतु आवेदन पत्र दिनांक 24.06.2021 तक जनपद पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होने बताया कि कोड़ार जलाशय में 27.5 हेक्टयर, बकिया जलाशय में 32.83 हेक्टेयर एवं जमधर जलाशय में 23.23 हेक्टेयर दिया जाना है।
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पट्टा देने में प्राथमिकता क्रम निर्धारित
प्राथमिकता क्रम वशानुसार मछुआ जाति/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग सामान्य वर्ग की पंजीयन मछुआ सहकारी समितियों को यदि उस प्राथमिकता क्रम की समिति पंजीकृत न हो तो उक्त प्राथमिकता क्रम की प्राथमिकता क्रम के अनुसार एवं सहायता समूह/मछुआ समूह को लेकिन स्व सहायता/मछुआ समूह को आवश्यक होगा कि एक वर्ष में समिति पंजीकृत करावें। जलाशय को पट्टे पर देने के लिए क्षेत्र में स्थिति एक से अधिक मछुआ सहकारी समितियों से निर्धारित समयावधि में आवेदन पत्र प्राप्त होने के दशा में आठ किलोमीटर की परिधि में पंजीकृत समिति को एवं क्रियाशील समिति को प्राथमिकता क्रम वशानुसार मछुआ जाति/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग सामान्य वर्ग के अनुसार जलाशय को पट्टे पर दिया जा सकेगा। पूर्व के बकायादार समिति के आवेदन मान्य नहीं होगें।
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जलाशय को पट्टे पर देने की शर्तें
आवेदन पत्र दिनांक 10.06.2021 से दिनांक 24.06.2021 तक कार्यालयीन समय में 5 बजे अपरान्ह तक जनपद पंचायत कुसमी में जमा किये जा सकेगें। जनपद पंचायत की समितियों/समूहों के आवेदन पत्र ही मान्य होगें। पट्टे पर दिये जाने वाले जलाशय के औसत जनक्षेत्र की अधिकतम जलसीमा 4 हे. प्रति सदस्य होगी। प्रथम वर्ष में पट्टा जारी करने के दिनांक से पट्टा अवधि प्रारंभ होकर 30 जून तक की होगी। आगामी वर्ष में पट्टा अवधि 01 जुलाई से 30 जून तक की होगी। आवेदन पत्र के साथ समिति का पंजीयन प्रमाण पत्र समिति/समूहों के सदस्यों की प्रमाणित सूची एवं अन्य आवश्यक अभिलेख संलग्न करना होगा। आवेदन पत्र के साथ पट्टे पर लिये गए जलाशय/तालाब की जानकारी का प्रमाण पत्र लगाना होगा। पट्टाधारक को शर्तनामा देना होगा कि अनुबंध के अनुसार समस्त शर्ते स्वीकार हैं। पट्टाधारक को भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1999 के प्रावधानों के अनुसार स्टाम्प पेपर नोटरी द्वारा प्रमाणित सदस्यों की सूची एवं समूह के मुखिया से मनोनीत होने का लेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक सदस्यों का गरीबी रेखा का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। नियमानुसार अनुबंध का पंजीयन कराना होगा। शासन नियमानुसार जलाशय की निर्धारित लीज राशि अनुबंध निष्पादन के पूर्व एकमुश्त जनपद पंचायत कोष में जमा करनी होगी। शासन की नीति निर्देशों के अनुसार समिति को उसके कार्यक्षेत्र के ही जलाशय को प्राथमिकता क्रम के आधार पर आवंटित किया जा सकेगा। शासन द्वारा निर्धारित नियम एवं शर्तो का उल्लंघन करने पर लीज राशि समय पर जमा न करने पर स्वीकृत अवधि के भीतर ही पट्टा आदेश निरस्त कर दिया जावेगा। आवेदनकर्ता अपना पूर्ण आवेदनपत्र एक वर्ष की आडिट नोट की छायाप्रति एवं समस्त अभिलेखों के साथ स्वयं जमा करेगा। शासन द्वारा एवं जनपद पंचायत द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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