
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन स्कैम में फंसा सिटी अस्पताल का संचालक सरबजीत मोखा गिरफ्तारी से बचने का हर जतन करता रह गया। माइनर अटैक का बहाना कर खुद के अस्पताल में भर्ती मोखा, एफआईआर दर्ज होते ही फरार हो गया था। शाम को अचानक प्रकट हुआ और इस बार खुद को कोविड संक्रमित बता खुद के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हो गया। रात भर पहरा दे रहे पुलिस ने रैपिड रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर थाने ले आई। उससे पूछताछ जारी है।
जानकारी के अनुसार सरबजीत के झूठ को बेनकाब करने के लिए पुलिस ने उसका कोरोना जांच कराया। रैपिड टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं आरटीपीसीआर जांच के लिए भी सेम्पल लिया गया है। दोनों जांच पुलिस लाइन अस्पताल के चिकित्सकों ने किया है। माइनर अटैक सहित स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल की एक टीम गठित की गई है। इससे पहले मंगलवार को ओमती पुलिस उसे थाने ले आई। जहां एसआईटी उससे पूछताछ कर रही है।
👉👉👉 पुलिस ने सरबजीत सिंह मोखा को उसके ही अस्पताल में किया नजरबंद, वीएचपी ने सभी दायित्वों से हटाया.
18 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित
एएसपी साउथ गोपाल प्रसाद खांडेल, सीएसपी ओमती आरडी भारद्वाज, डीएसपी अजाक पंकज मिश्रा, टीआई ओमती एसपीएस बघेल, टीआई भेड़ाघाट शफीक खान, टीआई रांझी आरके मालवीय, टीआई घमापुर दिलीप श्रीवास्तव, क्राइम ब्रांच के एएसआई रामसनेही शर्मा, मृदलेश शर्मा, आरक्षक हरिशंकर गुप्ता, अजित पटैल, राजेश केवट, अनिल कुमार, अनूप कुमार, रवि सागर, मानस, अजय जैन, अखिलेश कुमार एसआईटी टीम में शामिल किए गए हैं।

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