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August 4, 2026
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गेट पर इलाज के लिए तड़पता रहा मरीज, गार्ड ने कहा अस्पताल में बेड नहीं है…और चली गई जान


मध्य प्रदेश के रतलाम मेडिकल कॉलेज से एक बार फिर मानवता को तार तार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। एक मरीज ने अस्पताल के गेट पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, लेकिन उसे इलाज नहीं मिला। गेट पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड, अस्पताल में बेड फुल होने की बात कर परिजनों से विवाद करता रहा, लेकिन उसने मरीज की हालत की जानकारी अंदर देने की जहमत नहीं उठाई। नतीजा, मरीज घंटों गेट पर ही तड़पता रहा और उसकी जान चली गई। ताज्जुब यह कि अस्पताल के गेट पर इतना बड़ा हादसा हो गया, लेकिन डीन को इसके बारे में जानकारी सोशल मीडिया से मिली जब घटना का वीडियो वायरल हुआ।

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घटना गुरुवार की है। सिक्योरिटी गार्ड की जिद के आगे परिजनों की एक नहीं चली और मरीज ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर और हंगामे की आवाजें अंदर जिम्मेदारों तक पहुंची तो वे मेडिकल उपकरण लेकर बाहर आए, लेकिन तब तक मरीज के शरीर में जान नहीं बची थी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर और कर्मचारियों का मरीज के प्रति क्या रवैया है, वह इससे पता चलता है कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों या मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीज का नाम और निवास की जानकारी तक नहीं ली।

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मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यह बताने की स्थिति में नही है कि मृतक व्यक्ति कौन था और कहां से आया था। हालांकि, बताया जा रहा है कि मरीज को आलोट के पास के किसी गांव से लेकर परिजन मेडिकल अस्पताल पहुंचे थे।

इससे पहले मंगलवार को भी रतलाम में एक वकील की बीच सड़क पर बाइक पर ही मौत हो गई थी। भाई और मां उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाने के लिए भटकते रहे, लेकिन उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल सका। मेडिकल कॉलेज में भी उन्हें बेड फूल होने की बात कहकर एडमिट नहीं किया गया।

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इस मामले में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ जितेंद्र गुप्ता का कहना था कि वीडियो वाट्सअप पर देखा तो घटना का पता चला। जो जानकारी मिली है उससे पता चला है कि वो किसी गांव से आए थे। हम सीरियस मरीज को ही अंदर ले रहे हैं। इसकी कोई जानकारी नहीं है कि वे कहां से आए थे। एंट्री नहीं हुई थी तो नाम नहीं नोट हुआ। हम व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं।

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