
मध्यप्रदेश के दमोह विधानसभा उप निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 55 दमोह में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। विधानसभा उपचुनाव की मतगणना रविवार को पालीटेक्निक कॉलेज में हुई। 26 राउंड तक हुई मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन ने 17 हजार 89 वोटों से जीत दर्ज की। पहले राउंड से अजय टंडन ने भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह पर बढ़त बनाई। इसके बाद जितने भी राउंड हुए, ज्यादातर में कांग्रेस प्रत्याशी अपनी बढ़त बनाए रहे। पांचवें राउंड में राहुल सिंह ने अजय टंडन से अधिक वोट हासिल किए, लेकिन इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। एक के बाद एक राउंड चलते रहे और कांग्रेस जीत की ओर बढ़ती गई। इस तरह दो बार चुनाव लड़ चुके अजय टंडन को तीसरी बार विधायक बनने का मौका मिल गया। कांग्रेस कैंडिडेट अजय टंडन ने 17089 वोटों से भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह को हराया है।सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी उम्मीदवार राहुल लोधी को जिताने के लिए पूरा जोर लगाया था।
दमोह तहसील के गांव खेरूआ के रहने वाले राहुल सिंह लोधी अपना ही गृह मतदान केंद्र हार गए हैं। मतदान केंद्र क्रमांक 12 पर कांग्रेस प्रत्याशी अजयसिंह टंडन को 206 वोट मिले, जबकि राहुल सिंह को केवल 108। वे यहां 98 वोट से अपने ही गांव में बूथ हार गए।
भाजपा के राहुल सिंह लोधी ने हार के लिए पूर्व मंत्री जयंत मलैया काे जिम्मेदार ठहराया है।दरअसल, दमोह में बीजेपी अंतर्कलह का सामना कर रही थी। राहुल लोधी पहले कांग्रेस में थे। यहां से जयंत मलैया पांच बार से अधिक विधायक रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार हो गई थी। राहुल लोधी के बीजेपी में आने के बाद से वह नाराज चल रहे थे। मलैया को 2018 में हार लोधी के हाथों ही मिली थी। हालांकि बीजेपी नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। उम्मीद के हिसाब से मन का मेल नहीं हुआ था।
कमलनाथ ने दी बधाई
टंडन की जीत पर कमलनाथ ने लिखा है कि जीत आखिर सच की ही हुई। दमोह उपचुनाव के परिणाम से प्रदेश में बीजेपी की उल्टी गिनती की शुरुआत हो गई है। बीजेपी की ‘जनता से पहले चुनाव को प्राथमिकता’ की नीति और सोच को जनता ने इस परिणाम से कड़ा सबक सिखा दिया है। मैं प्रदेश के कांग्रेसजनों से अपील करता हूं कि अभी हमें कोई जश्न और उत्सव नहीं मनाना है, कोई विजय जुलूस और रैली नहीं निकालना है।
