
अदूरदर्शी निर्णयों और आपात स्थितियों में भी देर से कार्रवाई करने कारण उर्जा की राजधानी सिंगरौली की बुरी हालत हो गई है। प्रशासनिक कुप्रबंधन ने मानवता को रुला दिया। अधजली लाशों को कुत्ते खाने की मीडिया रिपोर्ट दिल दहला देने वाली है। विधायक एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने राज्य शासन के जिम्मेदार अधिकारियों को सिंगरौली जिला प्रशासन की बदइंतजामी के बारे में अवगत कराया।
सिहावल विधायक ने कहा शासन प्रशासन के कुप्रबंधन का दुष्परिणाम नागरिकों को भोगना पड रहा है।
व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। कोरोना महामारी के चलते नागरिक अब अपने उपचार के लिए भटक रहे हैं। सिंगरौली जिला मुख्यालय के ट्रामा सेंटर , जिला चिकित्सालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हालत बद से बदतर हैं । जीवन रक्षक दवाइयों और इंजेक्शन के अभाव ने लोगों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है।
पिछले दिनों देवसर,जियावन निवासी युवक श्री सचिन शुक्ला की इलाज के अभाव में हुई मौत का हवाला देते हुए विधायक कमलेेेश्वर पटेल ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जरूरतमंदों को इलाज नहीं मिल पाए। यह मानवता के विरुद्ध अपराध करने जैसा है। विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा कि यह हृदयविदारक है कि जब जीते जी इलाज नहीं मिला और मरने के बाद भी शांति नहीं। कोविड प्रोटोकाल के अनुसार अंतिम संस्कार तक नही हो पा रहा। अधजली लाशों को कुत्ते खा रहे हैं। यह माफी योग्य नहीं है। इतनी घोर असंवेदनशीलता और अक्षमता सहने योग्य नही है।
