ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल परिसर स्थित कमलाराजा अस्पताल की तीसरी मंजिल पर मेल वार्ड में सोमवार सुबह 9 बजे अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गया। ऑक्सीजन खत्म होने के बाद वहां भर्ती लोगों की सांसेंं उखड़ने लगी। डॉक्टर और परिजनों ने अंबू बैग से ऑक्सीजन देने का प्रयास किया, लेकिन चंद मिनट में उखड़ती सांसों के थमने का सिलसिला शुरू हो गया। तड़प-तड़प कर 3 मरीजों की मौत हो गई।उस समय वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था। लोग मर रहे थे और डॉक्टर असहाय खड़े थे। हंगामा की सूचना पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक व विधायक सतीश सिकरवार भी पहुंचे। उन्होंने अफसरों, डॉक्टरों को कॉल किए, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। हालांकि कांग्रेसी विधायक सतीश सिकरवार का दावा है कि कम से कम 10 लोग मरे हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने 2 की मौत मान रहा है। कुछ दिन पहले भी यहां पर ऑक्सीजन खत्म होने से तीन मरीजों ने दम तोड़ दिया था।

घटना के बाद मृतकों के परिजन का आक्रोश देखते हुए डॉक्टर अस्पताल छोड़कर मेडिकल कॉलेज में भाग गए। कमलाराजा अस्पताल पर पुलिस तैनात कर दी गई है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर रोते-बिखलते परिजन ही नजर आ रहे हैं। सोमवार शाम को ही ग्वालियर कलेक्टर ने जिले में हालात कन्ट्रोल में होने और ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा होने की बात कही थी।
पुलिस बल तैनात
ऑक्सीजन की कमी से मौत के बाद वहां लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बन गई। तत्काल पुलिस ने स्थिति को संभाला। CSP लश्कर पुलिस फोर्स के साथ कमलाराजा अस्पताल पहुंचे और पूरे अस्पताल को निगरानी में ले लिया। पुलिस जवानों की तैनाती देखकर भी लोग मानने को तैयार नहीं थे।

विधायक प्रवीण पाठक ने खुद संभाला मोर्चा
अंचल के सबसे बड़े ग्वालियर के सरकारी अस्पताल कमलाराजा महिला एवं शिशु रोग अस्पताल में ऑक्सीजन ख़त्म होने से अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक विधायक प्रवीण पाठक और सतीश सिंह सिकरवार अस्पताल पहुंचे, मरीजों की चीख पुकार सुनकर वे व्यवस्थाएं जुटाने में लग गए। मरीजों के परिजनों ने बताया कि ऑक्सीजन ख़त्म होते ही स्टाफ और डॉक्टर वार्ड से चले गए। इतने में एक ऑक्सीजन सिलेंडर आने की सूचना मिली। जिसे अस्पताल तक पहुँचाने के लिए विधायक प्रवीण पाठक ने सड़क पर दौड़ लगाई, उन्होंने रास्ते में खड़े वाहन को हटाने के लिए हाथ जोड़े उसे लोगों के साथ मिलकर खुद धक्का लगाया। विधायक प्रवीण पाठक ऑक्सीजन गाड़ी को काफी मशक्कत व दिक्कतों का सामना करते हुए हॉस्पिटल तक पहुंचाया जनता ने उनके इस कार्य को देख सराहा।


