
मध्यप्रदेश में जहाँ कोरोना का कहर अपने चरम पर है है जीवन रक्षक दवाओं, बेड, ऑक्सीजन की कालाबाजारी व दलाली भी कुछ कम नही है । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की खाली शीशी (वॉयल) में ग्लूकोज का पानी भरकर बेचने का मामला सामने आया है। एक ठग ने कई कोरोना संक्रमितों के परिजनों को 20-20 हजार रुपए लेकर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच दिए।
घटना इंदौर के लसुडिया थाना क्षेत्र की है। विशाल नामक युवक 10 दिन से कोरोना संक्रमित है जिन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन की सख्त जरूरत है। विशाल के पिता गणेश राव ने बताया कि वे नंदानगर में इंजेक्शन के लिए भटक रहे थे तभी उन्हें उज्जवल मिला। उसने अपना मोबाइल नंबर 8085837926 दिया और कहा कि मैं आपको इंजेक्शन दिलवा दूंगा। उसने फोन पर कहा कि 20 हजार रुपए में एक इंजेक्शन मिलेगा। बेटे की हालत देखकर गणेश राव ने उससे 40 हजार रुपए में दो इंजेक्शन खरीद लिए। डॉक्टर इंजेक्शन खोला तो उसमें पानी भरा हुआ था।
इंजेक्शन देनें के लिए बार-बार बदलता रहता जगह
गणेश राव ने बताया कि 22 अप्रैल को दोपहर 2 बजे उज्ज्वल का फोन आया। उसने कहा की एक इंजेक्शन आपको 20 हजार रुपए का पड़ेगा। मैंने उससे कहा कि मुझे 2 इंजेक्शन चाहिए। उसने मुझे पहले C-21 माल के पीछे बुलाया। वहां पहुंचने पर फोन आया कि अरबिंदो अस्पताल के गेट के सामने आ जाओ। यहां पहुंचने के 20-25 मिनट बाद तीसरी बार फोन आया। उसने पूछा कि आप कितने लोग हो, मैंने कहा कि मैं अकेला ही हूं। इसके बाद उसने 2 और जगहों पर बुलाया और आखिर में आस्था हास्पिटल के सामने एक इंजेक्शन 20 हजार में दिया। जब उससे एक और इंजेक्शन देने को कहा तो उसने अगले दिन देने की बात कही। गणेश राव ने बताया कि उसने अपना नाम भी नहीं बताया। दूसरे दिन 23 अप्रैल को दोपहर 2 बजे फोन करके बुलाया और 20 हजार लेकर दूसरा इंजेक्शन दिया।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
गणेश राव द्वारा इंजेक्शन मिलने पर शंका होने पर डॉक्टर ने इंजेक्शन की सील तोड़ी तो उस पर फेवीक्विक लगा हुआ था। इंजेक्शन के ऊपर लगे रबड के ढक्कन पर सुई लगी होने का निशान था। अपने साथ धोखा होने के बाद गणेश राव ने सोचा कि किसी और के साथ इस तरह की धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फिर उज्जवल को फोन लगाया और कहा- मुझे 2 इंजेक्शन की और जरूरत है। इस पर उज्ज्वल ने उन्हें पैसे लेकर बुलाया। कुछ देर बाद गणेश राव वहां पहुंचे और पैसे घर भूलने का बहाना बनाया। उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि उसने कई लोगों के साथ इस तरह की ठगी की है। पुलिस उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर कड़ी कार्रवाई कर रही है।
