
मुरैना/ग्वालियर। मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने उद्योग विभाग के बाबू को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। उद्योग विभाग के बाबू देवेन्द्र गुप्ता ने जैसे ही फरियादी से रिश्वत लेकर अपने पेंट की जेब में रखी, लोकायुक्त की टीम ने तुरंत हाथ पकड़ लिए। इस कार्यवाही से उद्योग विभाग के कार्यालय में हड़कंप मच गया। मामला मुरैना का है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने कार्यवाही की।
उद्योग विभाग के बाबू ने जैसे ही फरियादी से 3 हजार रुपए की रिश्वत लेकर अपनी जेब में रखी वैसे ही लोकायुक्त की टीम पहुंच गई। लोकायुक्त की टीम ने जब बाबू से कहा पैसे निकालो, जैसे ही बाबू ने पैसे निकाले, उसके हाथ धुलाए, हाथ लाल हो गए। फिर क्या था पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। अपने को फंसा देखकर बाबू देवेन्द्र गुप्ता रुआंसा से मुंह लेकर सिर पकड़ कर कुर्सी पर बैठ गया। देखते ही देखते, उद्योग विभाग के सभी कर्मचारी वहां एकत्रित हो गए। लोकायुक्त की टीम को देखते ही सभी अधिकारी व कर्मचारी वापस अपने-अपने कमरों में जाकर सीट पर बैठ गए। इधर लोकायुक्त की टीम अपनी कार्रवाई में लग गई।
यह है पूरा मामला
फरियादी विनोद गुर्जर पुत्र रामवरन सिंह गुर्जर उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम सेंथरा बाढ़ई, तहसील अंबाह ने उद्योग विभाग में दूध डेयरी के लिए लोन स्वीकृत कराने के लिए आवेदन दिया था। उसने यह आवेदन 4 मार्च को दिया था। आवेदन के साथ उसने सभी जरूरी कागजात भी जमा किए थे। इसके बावजूद उसकी लोन स्वीकृत होने की फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही थी। कारण फाइल विभाग के बाबू देवेन्द्र गुप्ता के पास अटकी हुई थी। देवेन्द्र गुप्ता ने उससे कहा कि अगर वह लोन चाहता है तो उसे कम से कम 15 हजार रुपए देने होंगे। इस पर वह तैयार नहीं हुआ तो बाबू ने उसकी फाइल रोक ली। उसने कई बार बाबू से मिन्नतें की, लेकिन बाबू का दिल नहीं पसीजा।
टुकड़े टुकड़े में दिए 12 हजार रुपए
बाबू देवेन्द्र गुप्ता अपनी 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग पर अड़ा रहा। अन्त में थक हारकर विनोद गुर्जर ने बाबू देवेन्द्र गुप्ता को पांच-पांच हजार रुपए दो किश्तों में तथा इसके बाद 2 हजार रुपए मिलाकर कुल 12 हजार रुपए दे दिए थे। इसके बाद शनिवार को तीन हजार रुपए रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग उसने कर ली थी। वह रिकॉर्डिंग उसने ग्वालियर जाकर एसपी लोकायुक्त को सुनाई।
लोकायुक्त ने फरियादी को भेजा बाबू के पास
एसपी लोकायुक्त ने उससे कहा कि वह उससे पैसे लेने की बात कर ले। उसने ठीक वैसा ही किया। उसके बाद मंगलवार को लोकायुक्त ने उसे तीन हजार रुपए पाउडर लगाकर दे दिए। टीम के सदस्य कमरे के बाहर खड़े रहे। विनोद गुर्जर बाबू के कमरे में गया तथा वहां जाकर उसने बाबू से रुपए देने की बात की तो बाबू ने रुपए लेने के लिए तुरंत अपने हाथ आगे बढ़ा दिए।
विनोद गुर्जर ने जेब से रुपए निकालकर बाबू के हाथ में रख दिए। बाबू ने तुरंत रुपए गिने बिना ही अपने पैंट की जेब के हवाले कर दिए। जैसे ही बाबू ने रुपए पैंट की जेब में रखे, कमरे के बाहर खड़ी लोकायुक्त टीम के सदस्यों ने कमरे में अन्दर आकर बाबू का हाथ पकड़ लिया। बाबू से कहा कि पेंट की जेब से रुपए निकालो। जैसे ही बाबू ने पेंट की जेब से रुपए निकाले, उसके हाथ धुलवाए। हाथ धोते ही लाल रंग में रंग गए।
