देशभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘गंभीर चिंता वाले राज्यों की श्रेणी में रखा है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुक्रवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशक और स्वास्थ्य सचिवों के साथ एक हाई लेबल बैठक की। इस बैठक में कोरोना वायरस केसों पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई और राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कैबिनेट सेक्रटरी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक में कोरोना के नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया, इसमें पुलिस एक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और दूसरी कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। टू टियर और थ्री टियर शहरों में मामले ज्यादा आ रहे हैं, ऐसे में कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन हो, कंटेनमेंट और सर्विलेंस को भी गंभीरता से लागू किया जाए, टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए और टेस्टिंग भी ज्यादा से ज्यादा की जाए। यह भी कहा गया कि कुल टेस्ट का RTPCR 70% हो, 25-30 कॉन्टैक्ट 72 घंटे में तलाशे जाएं।

जिन राज्यों में कोरोना के ज्यादा केस रिकॉर्ड हो रहे हैं और जो चिंता का कारण बने हुए हैं उनमें राष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, केरल, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं।
