देश के लाखों प्राइवेट कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। मोदी सरकार प्राइवेट कर्मचारियों को बड़ी राहत दे सकती है। अब नौकरी बदलने के साथ ही कर्मचारियों के बीच ग्रेच्युटी ट्रांसफर किया जाएगा। बता दे ग्रेच्युटी का भुगतान पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत किया जाता है। जिसमें संस्थान द्वारा कर्मचारी को उसके कामों के लिए एक निश्चित रकम दिया जाता है। एक ही कंपनी में 5 साल काम करने वाले कर्मचारी भी इसके पात्रता रखते हैं। रिटायरमेंट के बाद इसे कर्मचारियों के खाते में भेजा जाता है।

अब नौकरी बदलने के साथ ही कर्मचारियों के बीच ग्रेच्युटी ट्रांसफर किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक श्रम मंत्रालय द्वारा यूनियन और इंडस्ट्री की मीटिंग में ग्रेच्युटी को सीटीसी का हिस्सा बनाने के प्रस्ताव पर बातचीत की गई है। वही माना जा रहा है कि प्रावधान सामाजिक सुरक्षा अधिनियम में शामिल किया जाएगा। जल्द इस मामले में नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

इस मामले में श्रम मंत्रालय द्वारा बैठक की गई। वहीं सामाजिक सुरक्षा अधिनियम के तहत इसे प्रावधान में शामिल किया जा सकता है। वहीं सूत्रों के मुताबिक इंडस्ट्री ग्रेच्युटी के लिए 15 से 30 दिन के वर्किंग प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी है लेकिन माना जा रहा है कि जल्द इस मामले में नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट की माने तो निजी सेक्टर के कर्मचारियों को ट्रांसफर करने का ऑप्शन दिया जाएगा। इसके लिए ग्रेच्युटी पोर्टेबिलिटी पर सहमति बनने के बाद प्रोविडेंट फंड की तरह ग्रेच्युटी भी ट्रांसफर हो सकेगी।
