
भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को देश के सर्वोच्च पद्म सम्मानों (Padma Award 2022) की घोषणा की। सम्मानित किये जाने वाली हस्तियों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण के लिए चुना गया है। गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) को पद्म भूषण (Padma Bhushan) दिए जाने की घोषणा के बाद उनके साथी वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने तंज कसा है।
दर असल कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तंज गुलाम नबी आजाद या मोदी सरकार पर नहीं कसा बल्कि उन्होंने अपनी पार्टी कांग्रेस (Congress) को निशाने पर लिया है। कपिल सिब्बल ने अंग्रेजी में एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा – गुलाम नबी आजाद पद्म भूषण से सम्मानित, बधाई भाईजान , लेकिन विडंबना ये है कि कांग्रेस को आजाद की सेवाओं की आवश्यकता नहीं है जबकि देश सार्वजनिक जीवन के उनके योगदान को सम्मान दे रहा है, मान्यता दे रहा है।
गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल कांग्रेस के उस ग्रुप 23 (G -23) के सदस्य हैं जो पार्टी में अमूल चूल परिवर्तन का पक्षधर रहा है। इस समूह ने पत्र लिखकर पार्टी हाईकमान को पार्टी में चुनाव की प्रक्रिया सहित बहुत से बदलाव की मांग की थी। लेकिन इस समूह की बातों को पार्टी ने नजरअंदाज कर दिया जबकि ग्रुप 23 में पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
हालाँकि अब ये ग्रुप सक्रिय नहीं है और पार्टी सोनिया गांधी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हिसाब से ही चल रही है। इसलिए जब भी मौका मिलता है ग्रुप 23 के सदस्य रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पार्टी की आलोचना या पार्टी पर तंज कसना नहीं छोड़ते। कपिल सिब्बल ने भी आजाद के बहाने अपनी ही पार्टी को निशाने पर लिया है।
कपिल सिब्बल और इस समूह के कई नेताओं ने आजाद को पद्म भूषण सम्मान की बधाई दी तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने मंगलवार रात आजाद पर कटाक्ष किया.रमेश ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की ओर से पद्म भूषण सम्मान को अस्वीकार किए जाने को लेकर आजाद पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, ‘यही सही चीज थी करने के लिए. वह आजाद रहना चाहते हैं गुलाम नहीं।
