प्रदेश में कोरोना की रफ्तार एक बार फिर से बढ़ने लगी है जिसे जिसके बाद कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए और मास्क पहनने के लिए 11:00 बजे सुबह संकल्प लिया गया इस दौरान पूरे प्रदेश में 2 मिनट के लिए सायरन बजाया गया जनता के बीच खड़े होकर मुख्यमंत्री शिवराज ने स्वयं मास्क पहनने की शपथ ली इस दौरान सारी दूरी का पालन करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सायरन की आवाज सुनते ही सब अपनी जगह पर 2 मिनट के लिए रुक जाओ और यह सुनिश्चित करें कि मास्क लगाना हमारी जिम्मेदारी है I भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, छिंदवाड़ा समेत सभी शहरों में जनप्रतिनिधि और अफसर सड़क पर उतरे। हर जगह 2 मिनट का सायरन बजाकर लोगों को मास्क पहनने के लिए जागरूक किया गया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मास्क लगाने के लिए लोगों को रोके रोके और आपस में 2 गज की दूरी का पालन करें शिवराज सिंह ने कहा कि आज शाम 7:00 बजे फिर से 2 मिनट का सायरन शहर में बजेगा, इस तरह 1 हफ्ते तक दोनों समय सायरन का कार्यक्रम जारी रहेगा और लोगों को मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा I

इंदौर न डिस्टेंस दिखी,में न थमे पहिये –
इंदौर में सायरन सुनकर भी गाड़ियां निकलती रहीं तो आयोजन स्थल पर मास्क तो लगाया लेकिन सोशल डिस्टैंस की धज्जियां उड़ा दी गईं। लोग पंडाल में सटकर बैठे रहे। इधर, भोपाल के कोलार में सायरन बजाने से पहले ही ट्रेफिक को पुलिसकर्मियों ने रुकवा दिया। इसके बाद दो मिनट तक सायरन गाड़ियों और दमकल के जरिए बजाया गया। इसके बाद लंबा जाम लग गया।
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मास्क बांटे-
23 मार्च को पूरे प्रदेश में एक साथ सायरन बजाने के साथ ही मास्क लगाए रखने के लिए लोगों को जागरूक करने का काम शुरू हुआ। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सुबह 10:45 बजे न्यू मार्केट के हनुमान मंदिर पहुंच गए। वे प्रदेश से कोरोना के खात्मे के लिए हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद 11 बजे न्यू मार्केट में मास्क लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

केस ऐसे ही बढ़े तो बेड नहीं मिलेंगे-मोहम्मद सुलेमान
अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मोहम्मद सुलेमान ने 10 नंबर मार्केट में कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश मे लगातार मामले बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश मे 1500 से ज्यादा मामले आए हैं। संक्रमण दर 12 प्रतिशत है। केस ऐसे ही बढ़ते गए तो कुछ दिनों मे अस्पतालों में बेड की संख्या में चुनौती आने लगेगी।

