
मध्य प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंडल(Madhya Pradesh Board of Secondary Education-MPBSE) से जुड़ी एक बड़ी खबर है। एमपी बोर्ड ने 50 साल पुरानी अंकसूची व अभिलेखों का विनिष्टीकरण करने का फैसला किया है, ऐसे में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी 1960 से 1970 तक की अंकसूची में सुधार करा लें,जन्मतिथि को छोड़कर नाम सहित अन्य चीजों में सुधार हो जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी आफलाइन आवेदन मार्च तक जमा करेंगे, वरना सभी को नष्ट कर दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 1957 से 1970 तक संचालित विभिन्न परीक्षाओं की अंकसूची संबंधी अभिलेख का काग़ज पुराने होने से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं एवं जिनका वर्तमान में आवश्यकता व उपयोग न होने के कारण विनिष्ट किया जाना हैं, इसलिये यदि किसी को उल्लेखित अवधि के विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित प्रतिलिपि प्रमाण-पत्र, प्रतिलिपि अंकसूची, प्रोव्हीजनल प्रमाण-पत्र, डाक्यूमेंट्स का अंग्रेजी अनुवाद आदि की आवश्यकता हो तो 3 माह के अंदर मण्डल कार्यालय को आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए ऑफलाइन आवेदन करना होगा, लेकिन इसमें जन्मतिथि में कोई सुधार नहीं होगा। इसके लिए मंडल ने 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को तीन माह का समय दिया है।जल्द 1960 से 1970 तक की अंकसूची में सुधार करा लें, नहीं तो मंडल (MP Board) द्वारा इन 10 वर्षों के दस्तावेजों को विनिष्ट कर दिया जाएगा।इसके अलावा मंडल के पास 1960 से 2002 तक के दस्तावेजों के रिकार्ड भी ऑनलाइन नहीं किए गए हैं, ऐसे में छात्रों को दूसरा मौका दिया जा रहा है। हालांकि 2003 से 2022 तक के सभी रिकार्ड और दस्तावेज ऑनलाइन है और जल्द ही सभी के दस्तावेजों को ऑनलाइन किया जाएगा।
वहीं 1971 से 2002 तक के दस्तावेजों में त्रुटि सुधार के लिए भी विद्यार्थियों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। 2002 से 2022 तक के दस्तावेजों में सुधार के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए अप्रैल तक का समय दिया गया है। माशिम में विद्यार्थियों द्वारा इस संबंध में जानकारी लेना शुरू कर दिया है।माध्यमिक शिक्षा मण्डल के संभागीय अधिकारी के अनुसार, MP Board तीन माह के पश्चात इन सभी अभिलेखों को विनिष्ट कर दिया जायेगा और अभिलेख विनिष्टीकृत हो जाने के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार किया जाना संभव नहीं होगा।
