
पूरे देश में हड़कंप मचाने वाले सीधी पेशाब कांड में नया मोड़ आ गया है. एक तरफ इस कांड की चारों तरफ निंदा हो रही है. आरोपी बीजेपी नेता पर कार्रवाई को लोग सही बता रहे हैं. तो दूसरी तरफ, आरोपी के घर हुई बुलडोजर की कार्रवाई पर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने नाराजगी जाहिर की है. समाज के लोग सोशल मीडिया के जरिये आरोपी के घर की मरम्मत के लिए उसके पिता को सहयोग राशि दे रहे हैं. अब तक एक लाख से ज्यादा रकम आरोपी के पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है.
गौरतलब है कि, शासन ने आरोपी प्रवेश शुक्ला पर जो कार्रवाई की, उसे उसके पिता रमाकांत शुक्ला भी सही मान रहे हैं. लेकिन, आरोपी के घर पर हुई कार्रवाई को लेकर लोगों में रोष है. दरअसल, रमाकांत सहित लोगों का कहना है कि आरोपी प्रवेश के नाम पर न तो घर था और न ही कोई जायदाद, लेकिन पेशाब कांड का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर आरोपी के पिता के पैतृक मकान पर हुई बुलडोजर चला दिया गया.
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के सदस्यों का कहना है कि इस बुलडोजर की कार्रवाई की वजह से प्रवेश के परिजनों को घर के बाहर खुले आसमान के नीचे खाना बनाना पड़ा. ये नजारा देख अब ब्राह्मण समाज आरोपी के पिता की मदद के लिए आगे आ गया है. ताकि, उनके घर की मरम्मत कराई जा सके. ब्राह्मण समाज ने चौतरफा चंदा इकट्ठा करना शुरू कर दिया.
अब तक रमाकांत के बैंक खाते में एक लाख से अधिक राशि ट्रांसफर हो चुकी है. कई लोग उन्हें कैश भी देकर गए हैं. आरोपी के पिता स्वयं मान रहे हैं कि गुनहगार प्रवेश है, लेकिन उसके गुनाहों की सजा जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार उनके परिजनों को क्यों दे रही है. पिता रमाकांत का कहना है कि यूपी की तर्ज पर मध्य प्रदेश में बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. यह बिल्कुल गलत है.
रमाकांत ने कहा कि इस कार्रवाई के खिलाफ वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के सीधी जिला अध्यक्ष राकेश दुबे का भी कहना है कि आरोपी के गुनाह की सजा उसे ही मिले. इस पर कोई एतराज नहीं. लेकिन, सरकार उसके गुनाहों की सजा घरवालों को दे, इसका ब्राह्मण समाज विरोध करता है. समाज अब आरोपी के पिता का मकान फिर से बनवाएगा.
दुबे ने कहा कि अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने लोगों से आरोपी के पिता के घर की मरम्मत के लिए सहयोग की अपील की है. अब तक ब्राम्हण समाज की ओर से रमाकांत को एक लाख से अधिक की राशि दे दी गई है. उन्हें 50 हजार से अधिक राशि कैश भी दी गई है. उन्होंने कहा कि इस बुरे वक्त में समाज रमाकांत के काम नहीं आएगा, तो फिर कौन आएगा.
