
दुष्कर्मी महंत के बाद अब संजय त्रिपाठी के बहुमंजिला इमारत को गिराएगा प्रशासन, नगर निगम अमले ने की नापजोख, मेडिकल परिक्षण के लिए ले जाए गए अस्पताल
रीवा। रीवा राजनिवास में हुए किशोरी के साथ रेप मामले में प्रशासन एक्शन मोड में है। प्रशासन द्वारा दुष्कर्म के आरोपी महंत सीताराम दास का घर गिराने के बाद हिस्ट्रीशीटर विनोद पांडेय का मकान गिराया था।
जिसके बाद अब महंत को भागने में सहयोग करने वाले संजय त्रिपाठी द्वारा रेलवे तिराहे में बनी बहुमंजिला बिल्डिंग को गिराए जाने की कवायद शुरू हो गई है।
इधर बिल्डिंग को गिराने के लिए प्रशासन व नगर निगम की टीम शनिवार को नापजोख करने भी पहुंची थी। लगभग सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं और अब कार्यवाई की जानी है।
बता दें कि इस इमारत को गिराने के लिए पूर्व से ही कार्यवाई की जा रही थी लेकिन अभी तक प्रशासन ने इस ओर ठोस कदम नही उठाया। अब प्रशासन सीएम के निर्देश के बाद कार्यवाही करने जा रहा है।
मेडिकल परीक्षण के लिए ले गई पुलिस
संजय त्रिपाठी व भांजे अंशुल मिश्रा को पुलिस मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर पगुनची है। जहाँ उनका मेडिकल परीक्षण किया जाएगा उसके बाद इनको न्यायालय में पेस करने की बात सामने आ रही है। इसके बाद दोनों को जेल भेजा जाएगा य फिर रिमांड में लिया जाएगा। इस पर चर्चाएं की जा रही हैं।
थाने में चिल्लाए संजय त्रिपाठी, मैं निर्दोष हूं, मैं निर्दोष हूं….
राजनिवास में हुए रेप केस मामले में पुलिस ने संजय त्रिपाठी व उनके भांजे अंशुल मिश्रा को गिरफ्तार किया है। सिविल लाइन थाने से दोनो को ले जाया जा रहा था।इसी बीच मीडिया से रूपरु हुए संजय त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह निर्दोष हैं एयर उनको फंसाया जा रहा है वह बीते कई वर्षों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हैं, चुनाव प्रचार में उनके साथ थे, बाबा से उनका कोई संबंध नही है फिर भी उनको फंसाया जा रहा है वह पूरी तरह से निर्दोष है।पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं जिसके बाद संजय त्रिपाठी व अंशुल मिश्रा को पुलिस भोपाल से गिरफ्तार करके रीवा ले आई है। पूंछतांछ जारी है।
