
रीवा के सर्किट हाउस में घटित हुए सनसनीखेज वारदात का मामला अब राजनीतिक मोड़ लेता नजर आ रहा है। दरअसल कथा वाचक महंत सीताराम दास पर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। जिस पर अब कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का बड़ा बयान सामने आया है। वही सीएम शिवराज ने भी रीवा की घटना पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सीएम शिवराज ने कहा कि राज निवास में जो घटना घटी है। यह घटना बेहद निंदनीय है। बेटियों की तरफ किसी भी दुराचारी नजर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरी तरह से ऐसे गलत नजर उठाने वाले को कुचल दिया जाएगा। जिन्होंने भी ऐसी हरकत की है। उन सब के लिए बुलडोजर तैयार है। इनको जमींदोज करना बेहद आवश्यक है। वहीं उन्होंने कलेक्टर सहित एसपी और आईजी को बुलडोजर काम पर लाने और बलात्कारियों के ठिकाने को तबाह करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल नरेंद्र सलूजा ने धर्म को राजनीति से जुड़े जाने पर कटाक्ष किया है। इसके साथ ही साथ आरोपी महंत पर भी हमला बोला है। नरेंद्र सलूजा ने कहा कि युवा में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप के आरोपी महंत का जलवा छाया हुआ है। ऐसे लोगों को आसानी से सरकारी सर्किट हाउस उपलब्ध हो जाते हैं। इतना ही नहीं नरेंद्र सलूजा ने कहा कि धर्म का जब राजनीति में दुरुपयोग होता है। तब यही उसके पतन का कारण बन जाता है।
बता दें कि रीवा शहर के सरकारी सर्किट हाउस में महंत सहित चार लोगों पर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। वहीं पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अभी तक के वाकये में हिस्ट्रीशीटर विनोद पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि तीन की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि घटना 28 मार्च की शाम की है जब आरोपी एनेक्सी भवन रूम नंबर 4 में ठहरा हुआ था। आरोपी की पहचान कथा वाचक महंत सीताराम दास महाराज सहित 3 अन्य के रूप में की गई है। जिसके बाद हिस्ट्रीशीटर बदमाश द्वारा लड़की को झांसा देकर उस रूम में लाया गया। बदमाश ने किशोरी को कहा था कि महंत के विशेष आशीर्वाद से उस कन्या के काम बन जाएंगे।
वहीं पीड़िता के बयान के मुताबिक पहले उसे शराब पिलाई गई और बाद में उसे कमरे में बंद कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। जानकारी के मुताबिक कमरा हिस्ट्रीशीटर के नाम पर ही बुक था। एक बयान के मुताबिक महंत सहित तीन लोग उस कमरे में शराब पी रहे थे। पीड़िता को भी शराब पिलाने की कोशिश की गई तो उसने मना कर दिया तो कमरे में उसके साथ ज्यादती की गई। वही महंत ने अपने सहयोगियों से पीड़िता को घर छोड़ आने के लिए कहा। साथ ही उसे कुछ भी किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। 29 की शाम जब पीड़िता अपने घर सतना पहुंची तो उसने पिता को सारी जानकारी दी। जिसके बाद पिता द्वारा रीवा के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा का कहना है कि मामले में चार आरोपी बनाए गए पहले आरोपी मोहन सीताराम दास उर्फ समर्थ त्रिपाठी जबकि दूसरा विनोद पांडे है। दोनों आरोपी फिलहाल अज्ञात है। हालांकि पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिए हैं जबकि और तीन की तलाश जारी है।
