
मध्यप्रदेश में एक बार फिर से पंचायत चुनाव का मामला अधर में अटक सकता है। दरअसल एक बार फिर वार्डो के परिसीमन को लेकर विवाद देखने को मिल रहे हैं। वार्डो के परिसीमन विवाद को देखते हुए ग्रामीण नेता हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है। बता दे कि पंचायत चुनाव OBC आरक्षण के मुद्दे पर निरस्त कर दिए गए थे। वहीं अब परिसीमन को लेकर भी लगातार विवाद देखा जा रहा है।
इस मामले में वार्डो के परिसीमन पर नेताओं का आरोप है कि अंतिम प्रकाशन में वार्ड वोटर की संख्या को भिन्न रखा गया है। सभी नेताओं की मांग है कि अंतिम प्रकाशन वार्डों में वोटर की संख्या को एक समान रखने चाहिए। जिला पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि लगातार राजनीतिक लाभ लेने के लिए परिसीमन में गड़बड़ी की जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि परिसीमन को लेकर कल हम हाईकोर्ट जाएंगे और सभी वार्ड में समान जनसंख्या की मांग करेंगे।
बता दें कि भोपाल में नए परिसीमन के बाद 35 नई पंचायतों का निर्माण किया गया। वहीं वार्ड में 54000 मतदाता है तो किसी और में पहले के मुकाबले आधे भी नहीं है। ऐसे में मतदाताओं की संख्या समान रखने पर बात की जा रही है।इससे पहले ग्रामीणों द्वारा ओबीसी आरक्षण पर MP हाई कोर्ट में अधिसूचना जारी की गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए पंजाब चुनाव को निरस्त कर दिया था और नए सिरे से परिसीमन का फैसला दिया था।
इससे पहले मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सरकार द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है वहीं OBC मतदाताओं के आंकड़े भी जुटाए गए हैं। OBC मतदाताओं के आंकड़े की गिनती का समय पूरा करने के साथ ही हाईकोर्ट में इसे रखने की तैयारी पूरी कर ली गई है। माना जा रहा है कि जल्दी प्रदेश में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि वार्ड परिसीमन पर मामले अटकते नजर आ रहे हैं।
