
हाल ही में कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश में नई हेरिटेज शराब पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई है। जिसके तहत हेरिटेज शराब का पेटेंट करवाया जाएगा। शुक्रवार को आयोजित की गई, मंत्रालय की बैठक में हेरिटेज मदिरा नीति 2022 पर चर्चा की गई, जिसमें हेरिटेज शराब पर पेंटेड कराने पर सहमति बनी है। बैठक के दौरान वनमंत्री डॉ विजय शाह, स्वास्थ्यमंत्री प्रभु राम चौधरी, वित्त और वाणिज्य मंत्री जगदीश देवड़ा और अन्य मंत्रीगण भी मौजूद थे।
बता दें कि हेरिटेज शराब एक खास तरह की शराब होती है, जिसमें अलग-अलग की वैरायटी, रंग और फ्लेवर उपलब्ध होते हैं। जिसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने मापदंड तय करने का निर्णय लिया है। अबकारी विभाग के निर्देश पर ट्रेड एक्सपर्ट लोगों द्वारा डीपीआर बनवाई गई है। इसका उत्पादन आदिवासी इलाकों में होगा, जिसमें 9 आदिवासी इलाके शामिल है। लेकिन इसकी बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में की जाएगी। हेरिटेज शराब पूरी तरह से ट्रेडिशनल सिस्टम पर आधारित होगा और इसे बनाने के लिए सही मापदंड भी अपनाए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक 1 अप्रैल से इस पॉलिसी को पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।
हेरिटेज शराब का उत्पादन एलमुनियम या लोहे के टब में किया जाता था, लेकिन नई पॉलिसी के बाद तांबे के टब में इसका उत्पादन किया जाएगा। 1000 लिटर माइक्रो डिसलेरी स्थापित की जाएगी और अलग-अलग आदिवासी इलाकों में शराब की दुकान भी खोली जाएगी,जो अन्य शराब की दुकानों से काफी अलग होगी और आदिवासियों के पास इसका उत्पादन और बिक्री करने का भी लाइसेंस होगा।
वन विभाग की हिस्सेदारी भी होगी शामिल
बता दें कि ये पूरी तरह से पारंपरिक पद्धति पर आधारित होगी। वहीं,हेरिटेज शराब बनाने में नई क्ववालिटी के मापदंड अपनाए जाएंगे। उधर, शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल के कैबिनेट बैठक में इस पॉलिसी पर अंतिम फैसला हो गया है। अब इसे कैबिनेट में मंजूर कराने के बाद लागू किया जाएगा। वहीं, इस पालिसी को 1 अप्रैल या फिर इसके बाद से लागू करने पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कमेटी की बैठक में वन मंत्री विजय शाह ने प्रस्ताव रखा था कि इसका जिम्मा वन विभाग को भी दिया जाए या फिर वन विभाग की इसमें हिस्सेदारी होनी चाहिए। हालांकि, वन विभाग के रिसर्च को भी इसमें शामिल किया जाए, फिलहाल इस प्रस्ताव पर भी सहमति बन गई है।
हेरिटेज शराब का कराया जाएगा पेटेंट- गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा
वहीं, प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मंत्रिमंडल समूह में हेरिटेज शराब का पेटेंट कराने पर सहमति बना ली गई है।उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हेरीटेज मदिरा नीति 2022 संबंधित बैठक में फैसला लिया गया है। साथ ही बताया कि हेरीटेज शराब की एक खासियत यह भी होगी कि यह कई तरह की बेहतर क्वालु, कलर व फ्लेवर में उपलब्ध होगी।
जानिए किन जिलों से शुरू होगी ये स्कीम?
गौरतलब है कि आबकारी विभाग ने ट्रेंट व एक्सपर्ट लोगों से एक DPR बनवाया है। जहां पर अभी बोदका शराब अलग-अलग सुगंध में उपलब्ध है। इसी के आधार पर हेरिटेज शराब भी उपलब्ध होगी। वहीं, इस शराब को बेचने के लिए अलग से परमिशन लेनी होगी। ऐसे में हेरिटेज शराब का उत्पादन व बिक्री 18 जिलों के 90 आदिवासी इलाकों में सबसे पहले शुरू होगा।इसका उत्पादन सिर्फ आदिवासी ब्लॉकों में होगा, मगर, इसकी बिक्री पूरे मध्य प्रदेश में की जा सकेगी।
