
मध्य प्रदेश के पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। पेंशनरों के लिए नई व्यवस्था लागू हो गई है। मध्य प्रदेश में अस्वस्थ, अति वरिष्ठ पेंशनर्स और परिवार पेंशनरों की सहूलियत के लिये डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की व्यवस्था लागू की गई है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को उक्त व्यवस्था से अवगत कराया है। अब पोस्टमैन द्वारा बायोमेट्रिक डिवाइस से पेंशनर का सत्यापन करते हुए डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जनरेट कर जीवन प्रमाण पोर्टल पर अपडेट किया जा सकेगा।
दरअसल, अस्वस्थ एवं अति वरिष्ठ पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने और प्रस्तुत करने के लिये नियत केंद्र या कियोस्क तक पहुँचने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के पेंशनर और परिवार पेंशनरों के लिये कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश अनुरूप इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिये डोर स्टेप सर्विस सेवा अतिरिक्त विकल्प के रूप में सशुल्क प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।
वैकल्पिक व्यवस्था में जीवन प्रमाण-पत्र, पोर्टल के साथ इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक या पोस्ट ऑफिस से संपर्क कर नियत शुल्क जमा कर प्राप्त किया जा सकेगा। पेंशनर और परिवार पेंशनर को मूलभूत जानकारी जैसे पेंशन आईडी, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, पेंशन वितरण विभाग, संस्था, बैंक वितरण, मोबाइल नंबर, आधार नंबर आदि जानकारी पोस्टमैन को उपलब्ध करानी होगी।
बता दे कि कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है पेंशनभोगियों को सेवानिवृत्ति के बाद बैंक जैसे अधिकृत पेंशन संवितरण एजेंसी में अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराना पड़ता है, जिसके बाद ही उन्हें पेंशन दी जाती है।यह प्रमाण पत्र साबित करता है कि आप जीवित है और पेंशन के हकदार है।


